Ayodhya : अखिलेश के सामने रोईं महिलाएं, घर-दुकान टूटने की सुनाई कहानी

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अजमल शाह
अजमल शाह

समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त भावुक हो गई, जब अयोध्या से आईं प्रभावित महिलाओं ने सड़क चौड़ीकरण और ध्वस्तीकरण (Bulldozer Action) की कार्रवाई को लेकर अपना दर्द बयां किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर उनके घर और दुकानें बेरहमी से तोड़ दी गईं और उन्हें अपना सामान तक हटाने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

‘बेटी की शादी सिर पर, और घर का सामान तक नहीं बचा’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अयोध्या की रहने वाली प्रीति चौहान अपना दर्द साझा करते हुए अखिलेश यादव के सामने फूट-फूटकर रो पड़ीं।

उन्होंने बताया कि इसी साल नवंबर में उनकी बेटी की शादी तय है, लेकिन ध्वस्तीकरण की इस अचानक हुई कार्रवाई ने उनके परिवार के सामने बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। प्रीति ने रोते हुए दावा किया:

“रात करीब डेढ़ बजे हमारे घर पर बुलडोजर पहुंचा और मकान को जमींदोज कर दिया गया। हमें इतना भी मौका नहीं मिला कि हम घर का जरूरी सामान या शादी के लिए रखे जेवर बचा सकें। हमारे बच्चे अब बाहर सड़क पर बैठने को मजबूर हैं।”

‘सामान हटाने के लिए सिर्फ आधा घंटा मिला’

इस दौरान एक अन्य प्रभावित महिला सपना राजपाल ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए।

सपना ने कहा कि उन्हें अपना मकान और दुकान खाली करने के लिए कोई पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, “प्रशासन ने हमें सामान हटाने के लिए सिर्फ आधे घंटे का समय दिया। जबकि हमारे गोदाम में भारी भरकम फ्रीजर, रेफ्रिजरेटर और कई अन्य सामान रखे हुए थे, जिन्हें इतनी जल्दी हटाना मुमकिन नहीं था।” सपना ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद से उनका व्यापार चौपट हो गया है और परिवार के सामने खाने-पीने से लेकर दवाइयों तक के खर्च का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

‘सपा विकास के खिलाफ नहीं, गरीबों को उजाड़ने के खिलाफ है’

महिलाओं की व्यथा सुनने के बाद अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।

सपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी अयोध्या के विकास या सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान राम की नगरी को आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर जरूर बनाया जाना चाहिए, लेकिन विकास के नाम पर गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों को बिना किसी संवेदनशीलता के उजाड़ना गलत है।

अखिलेश यादव ने मांग की कि जिन भी परिवारों के घर, दुकान या रोजी-रोटी का नुकसान हुआ है, सरकार को तुरंत उसकी भरपाई करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि, “अगर मौजूदा सरकार इन प्रभावित लोगों के नुकसान की भरपाई नहीं करती है, तो भविष्य में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, तब हम इन परिवारों के मकान, दुकान और अन्य नुकसान की पूरी भरपाई करेंगे।”