सऊदी हमलों में 10 की मौत का दावा, हूतियों ने अमेरिका को दी चेतावनी

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

यमन के पश्चिमोत्तर प्रांत सादा (Sa’ada) में सऊदी सीमा सुरक्षा बलों की भारी तोपखाने की गोलाबारी और हमलों में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई है। अरबी भाषा के समाचार चैनल अल-मसीराह (al-Masirah) ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि गुरुवार सुबह सऊदी तोपों ने रजीह (Razih) सीमांत जिले के जबल अल-इज्द इलाके में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिससे इमारत क्षतिग्रस्त हो गई और नागरिक हताहत हुए।

इसी जिले के अल-हजला इलाके में सऊदी मिसाइल एक घर के पास आकर गिरी, जिसकी चपेट में आकर एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और डॉक्टरों को उसका हाथ काटना पड़ा। इसके अलावा सादा के मारन जिले में लड़ाकू विमानों से तीन हवाई हमले किए गए, जबकि दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज (Ta’izz) के हैफान जिले में अल-अहकुम इलाके को दो बार निशाना बनाया गया।

24 घंटे में 52 हवाई हमले, 988 तक पहुंचा हमलों का आंकड़ा

यमनी सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने बीते 24 घंटों के दौरान यमन के अलग-अलग इलाकों में 52 हवाई हमले किए हैं।

सेना के अनुसार, रॉयल सऊदी एयरफोर्स के F-15SA और यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमानों ने खमीस मुशायत के पास किंग खालिद एयरबेस और ताइफ शहर के एयरबेस से उड़ान भरी। वहीं, मिसाइल हमले जीजान (Jizan) क्षेत्र से दागे गए। ये हमले हुदैदाह, ताइज, अल-बायदा, मारिब और सादा प्रांतों में किए गए हैं।

सैन्य बयान में कहा गया कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग हताहत हुए हैं। साथ ही टेलीकॉम नेटवर्क, स्कूल, पुल और सड़कों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। यमनी सेना के मुताबिक, हालिया तनाव शुरू होने के बाद से अब तक सऊदी अरब की ओर से किए गए कुल हवाई और मिसाइल हमलों की संख्या 988 हो चुकी है।

‘सऊदी का साथ दिया तो अमेरिकी हितों को बनाएंगे निशाना’

सऊदी हमलों के बीच यमन के एक सैन्य सलाहकार ने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने रियाद और सना के बीच चल रहे इस सैन्य टकराव में सऊदी अरब की सैन्य मदद की, तो यमन के सशस्त्र बल पश्चिम एशिया (West Asia) में स्थित अमेरिकी ठिकानों और हितों को सीधे तौर पर निशाना बनाएंगे।

यमनी अधिकारियों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandeb) जलडमरूमध्य को लेकर भी ‘रेड लाइन’ खींचते हुए बाहरी हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी है।

लाल सागर में नाकेबंदी और संघर्ष की पृष्ठभूमि

सना प्रशासन ने यमन पर पिछले लगभग 12 वर्षों से जारी घेराबंदी के जवाब में 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) की घोषणा की थी। इसके बाद से यमनी सेना लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े व्यापारिक और अन्य जहाजों के खिलाफ कई सैन्य अभियानों को अंजाम देने का दावा कर चुकी है।

मार्च 2015 में सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों ने अमेरिका तथा कई पश्चिमी देशों के सैन्य, राजनीतिक और साजो-सामान के सहयोग से यमन में सैन्य अभियान शुरू किया था। वर्षों से जारी इस युद्ध में हजारों यमनियों की जान जा चुकी है और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तबाह हुआ है।