सपा सत्ता में आई तो 3 महीने में जातीय जनगणना, महिलाओं को ₹40 हजार
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। खंगार समाज के लोगों से मुलाकात के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश ने जहां एक तरफ जातीय जनगणना और महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाओं के बड़े वादे किए, वहीं प्रदेश की कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण को लेकर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
खंगार समाज को हिस्सेदारी और जातीय जनगणना का वादा
सपा अध्यक्ष ने अर्कवंशी और खंगार समाज की राजनीतिक उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महज तीन महीने के भीतर जातीय जनगणना कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि आबादी के हिसाब से इन उपेक्षित समाजों को सरकार में उनका पूरा हक और प्रतिनिधित्व दिलाया जाएगा।
अखिलेश ने घोषणा की कि लखनऊ की किसी प्रतिष्ठित जगह पर महाराजा खंगार की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के समय महाराजा खेर सिंह खंगार की जो प्रतिमा लगाई गई थी, वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर टूट गई। उनके मुताबिक, अर्कवंशी और खंगार समाज के लोगों को सिर्फ धोखा मिला है।
महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का दांव
आगामी चुनावों को देखते हुए अखिलेश यादव ने आधी आबादी को साधने का प्रयास किया। उन्होंने अपने पुराने वादे को दोहराते हुए कहा कि सपा की सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए दावा किया कि पिछले 10 सालों में बीजेपी सरकार ने महिलाओं को कुछ नहीं दिया है, इसलिए सपा सरकार बनने पर यह 40 हजार रुपये उन्हें पिछले सालों के ‘ब्याज’ के तौर पर दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में कन्या विद्या धन और अन्य राहत योजनाएं दोबारा शुरू करने का भी भरोसा दिया।
‘सरकार की स्पेस टेक्नोलॉजी कहां गई?’, एक्सप्रेसवे पर उठाए सवाल
सड़क निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर एक्सप्रेसवे का सीधा जिक्र करते हुए उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए। अखिलेश ने तंज कसा कि जब प्रदेश में लगातार सड़कें और एक्सप्रेसवे खराब हो रहे हैं, तो ऐसे में सरकार की ‘स्पेस टेक्नोलॉजी’ और डिजाइन कहां गायब हो गई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता में लौटने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामों का स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि किस ठेकेदार और अधिकारी ने कितना पैसा कमाया है। इसके अलावा उन्होंने पाइपलाइन डालने के नाम पर खोदी जा रही सड़कों और जल निकासी के लचर सिस्टम पर भी सरकार को घेरा।
JPNIC और सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री का आरोप
लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर सपा प्रमुख ने बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने JPNIC को बेच दिया है और ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है। अखिलेश ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि जिस इंजीनियर ने JPNIC बनाया था, उसे ही दिल्ली में रेलवे स्टेशन बनाने का करीब 3 हजार करोड़ रुपये का काम दे दिया गया है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर JPNIC जैसी अहम परियोजना को बेचने की जरूरत क्यों पड़ी। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ की ऐतिहासिक छतर मंजिल और कन्नौज के मिल्क प्लांट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार लगातार सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का काम कर रही है।
कानून-व्यवस्था और PDA से भेदभाव पर वार
प्रदेश की पुलिस और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पुलिस के कामकाज को लेकर आम जनता में भारी असंतोष है। उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित का पूरा परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन सरकार खामोश है। वहीं, दिग्विजय भाटी मामले को उठाते हुए सपा प्रमुख ने मांग की कि अगर उनके साथ कुछ भी गलत हुआ है, तो संबंधित IPS अधिकारी के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि राज्य में PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समाज से जुड़े लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन द्वारा जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है।
अकबर नगर विस्थापन और गोमती सफाई पर मांगे जवाब
राजधानी लखनऊ के स्थानीय मुद्दों पर बोलते हुए अखिलेश ने गोमती नदी और अकबर नगर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अखबारों में गोमती की सफाई की बातें छपती हैं, लेकिन सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नदी और उसके आसपास के विकास को लेकर उनके पास वास्तविक योजना क्या है। अकबर नगर के विस्थापन पर उन्होंने सरकार से पूछा कि जिन लोगों के घर तोड़े गए और उन्हें हटाते वक्त जो वादे किए गए थे, आज उन वादों का क्या हुआ।
