अभिनंदन ने छोड़ी वायुसेना, अब FLY91 में उड़ाएंगे यात्री विमान; जानिए कैसे?

भारतीय वायु सेना (IAF) के वीर चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने एक बार फिर चर्चा में हैं। पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को डॉगफाइट में मार गिराने वाले देश के इस जांबाज पायलट ने भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्ति ले ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपनी सेवा पूरी करने और रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के बाद उन्होंने कमर्शियल एविएशन की दुनिया में कदम रखा है और रीजनल एयरलाइन ‘Fly91’ ज्वाइन कर ली है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सेना का कोई फाइटर जेट पायलट सीधे प्राइवेट पैसेंजर प्लेन उड़ा सकता है और इसके कानूनी नियम क्या हैं?
बालाकोट के हीरो और ऐतिहासिक डॉगफाइट
27 फरवरी 2019 की वह ऐतिहासिक हवाई लड़ाई मिलिट्री एविएशन के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगी। पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। इसके अगले दिन जब पाकिस्तानी वायु सेना ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की, तब तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान अपने मिग-21 बाइसन (MiG-21 Bison) विमान से मुकाबला करने उतरे थे।
35 वर्ष की आयु में अदम्य साहस दिखाते हुए उन्होंने आधुनिक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। इसी संघर्ष के दौरान उनके विमान पर मिसाइल से हमला हुआ और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा था। वह पीओके में गिरे थे, जहां से करीब 60 घंटे बाद 1 मार्च 2019 को उनकी सकुशल वतन वापसी हुई थी। उनकी इस वीरता के लिए उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था।
क्या वायु सेना का पायलट प्राइवेट एयरलाइन ज्वाइन कर सकता है?
बिल्कुल। भारतीय वायु सेना या अन्य सेनाओं के योग्य पायलट सेवा पूरी करने या सेवानिवृत्ति के बाद नागरिक एयरलाइंस (जैसे इंडिगो, एयर इंडिया, फ्लाई91 आदि) में पायलट के रूप में शामिल हो सकते हैं। सिविलियन एविएशन इंडस्ट्री में सैन्य पायलटों की भारी मांग होती है, क्योंकि उनके पास हर परिस्थिति में उड़ान भरने का हजारों घंटों का अनुभव, कड़ा अनुशासन और उच्च स्तरीय ट्रेनिंग होती है।
सैन्य पायलट से कमर्शियल कैप्टन बनने की प्रक्रिया और नियम
भले ही सैन्य पायलट बेहद कुशल होते हैं, लेकिन वे वायु सेना से बाहर आते ही सीधे पैसेंजर प्लेन नहीं उड़ा सकते। इसके लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के कड़े नियमों और चरणों से गुजरना होता है:
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सेवानिवृत्ति और NOC: सेवा पूरी करने के बाद रक्षा मंत्रालय और वायु सेना मुख्यालय से आधिकारिक ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।
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DGCA लाइसेंस कनवर्ट करना: सैन्य उड़ान घंटों का सत्यापन, डीजीसीए की तकनीकी परीक्षाएं (जैसे एयर रेगुलेशंस और मौसम विज्ञान) पास करना और सिविल एविएशन क्लास-1 मेडिकल क्लियर करना जरूरी होता है।
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टाइप रेटिंग और सिम्युलेटर ट्रेनिंग: फाइटर जेट और कमर्शियल पैसेंजर प्लेन की उड़ान प्रणाली बिल्कुल अलग होती है। इसलिए पायलटों को पैसेंजर जेट या टर्बोप्रॉप विमान (जैसे एटीआर या एयरबस) उड़ाने के लिए विशेष ‘टाइप रेटिंग सिम्युलेटर ट्रेनिंग’ से गुजरना पड़ता है।
ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान का कमर्शियल एविएशन में जाना भारतीय नागरिक उड्डयन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। उनके विशाल अनुभव और कौशल का लाभ अब देश की पैसेंजर एयरलाइंस के यात्रियों को मिलेगा।
