रितब्रत समेत 10 विधायकों पर कार्रवाई की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

mamta
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पार्टी के बागी विधायकों की अयोग्यता (Disqualification) को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। TMC ने इस याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट से यह मांग की थी कि वह विधानसभा अध्यक्ष को बागी विधायकों की अयोग्यता पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दे।

याचिका में नेता प्रतिपक्ष का नाम भी शामिल

कानूनी समाचार पोर्टल ‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के अनुसार, जिन बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था, उनमें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी का नाम भी शामिल है। पार्टी का तर्क था कि इन विधायकों की गतिविधियों के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष को इनकी अयोग्यता पर त्वरित निर्णय लेना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दी कलकत्ता हाई कोर्ट जाने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीधे तौर पर कोई भी निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता (TMC) को कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी है।

शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा, “हम याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट में उचित याचिका दाखिल करने की छूट देते हुए इस याचिका को खारिज करते हैं।”

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से यह अनुरोध भी किया है कि वे इस संवेदनशील मामले को जल्द से जल्द एक उपयुक्त खंडपीठ (डिवीजन बेंच) के सामने रखें, ताकि बागी विधायकों की अयोग्यता के इस मामले पर शीघ्रता से कानूनी फैसला लिया जा सके।