भर्ती प्रक्रिया में एक और परीक्षा, निजी सहायकों की फिर होगी स्किल जांच

बिहार विधान परिषद में निजी सहायक और स्टेनोग्राफर के सात पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में अंतिम परिणाम जारी होने के बाद एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया है। अंतिम तौर पर चयनित अभ्यर्थियों को अब दोबारा अपनी आशुलिपिक (शॉर्टहैंड) दक्षता साबित करनी पड़ रही है। विधान परिषद की ओर से सभी सफल अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने का सख्त निर्देश दिया गया था।
बुधवार (4 नवंबर) सुबह 11:30 बजे विधान परिषद के विस्तारित भवन में यह परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई और यह CCTV कैमरों की कड़ी निगरानी में संपन्न हुई।
रिजल्ट के बाद उठे थे दक्षता पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, विज्ञापन संख्या 02/2025 के तहत विधान परिषद में निजी सहायक और स्टेनोग्राफर के कुल सात पदों के लिए रिक्तियां निकाली गई थीं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा और शॉर्टहैंड टेस्ट के बाद अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया था।
लेकिन रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ सफल अभ्यर्थियों की शॉर्टहैंड गति और दक्षता को लेकर सवाल खड़े होने लगे। इन आपत्तियों और सवालों के बाद विधान परिषद प्रशासन ने सभी सफल उम्मीदवारों की दक्षता की दोबारा जांच करने का फैसला लिया।
अनुपस्थित रहने पर अयोग्य घोषित होने की चेतावनी
पुनः आयोजित इस आशुलिपिक दक्षता परीक्षा में सभी सफल अभ्यर्थियों का उपस्थित होना अनिवार्य किया गया था। परिषद की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, उनकी उम्मीदवारी रद्द करते हुए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
निष्पक्षता के लिए मजिस्ट्रेट और 3 सदस्यीय टीम तैनात
परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंकाओं को खारिज करने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पूरी प्रक्रिया CCTV कैमरों की निगरानी में हुई। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्ष में निगरानी के लिए एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। साथ ही, पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने और मूल्यांकन के लिए एक विशेष तीन सदस्यीय टीम का भी गठन किया गया था।
हालांकि अंतिम परिणाम के बाद अचानक दोबारा परीक्षा कराने के पीछे आधिकारिक तौर पर किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब सबकी निगाहें इस नई परीक्षा के नतीजों और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

