भारत आने वाले सभी यात्रियों के लिए Air Suvidha फॉर्म अनिवार्य, जानें नियम

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

इबोला (Ebola) वायरस के बढ़ते खतरे के बीच ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (Bureau of Immigration) ने भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। अब विदेश से भारत पहुंचने वाले हर यात्री को अनिवार्य रूप से ‘एयर सुविधा सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म’ (Air Suvidha SDF) भरना होगा। यह नियम भारतीय पासपोर्ट धारकों, ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों और विदेशी नागरिकों सभी पर समान रूप से लागू होगा।

एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि यात्री की राष्ट्रीयता या ट्रैवल हिस्ट्री कुछ भी हो, यह फॉर्म भरना सभी के लिए अनिवार्य है।

यात्रा से 24 घंटे पहले पूरा करना होगा प्रोसेस

ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही इस डिक्लेरेशन को पूरा कर लें। यूएई (UAE) या अन्य देशों से भारत आने वाले यात्रियों को अराइवल से 24 घंटे के भीतर यह फॉर्म ऑनलाइन जमा करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक, वेब चेक-इन (web check-in) के दौरान इसे सबमिट करना सबसे सुविधाजनक है। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और यात्री आधिकारिक पोर्टल (airsuvidha.civilaviation.gov.in) के जरिए इसे भर सकते हैं। फॉर्म में सही जानकारी देने से एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन क्लीयरेंस में आसानी होगी और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग तत्काल सहायता मुहैया करा सकेगा।

फॉर्म भरने के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी

एयर सुविधा पोर्टल पर फॉर्म भरने से पहले यात्रियों को कुछ जरूरी जानकारी अपने पास रखनी होगी। इनमें वैध पासपोर्ट, भारतीय वीजा (यदि लागू हो), फ्लाइट टिकट या बोर्डिंग पास और भारत में ठहरने का पूरा पता शामिल है। फॉर्म में पिछले 21 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री और विदेशी ट्रांजिट (transit) की जानकारी देनी होगी। अगर कोई यात्री कई देशों से होकर आ रहा है, तो उसे फॉर्म में ‘Add Transit Row’ का विकल्प चुनना होगा।

ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के लिए एक चालू मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस होना जरूरी है। फॉर्म के अंतिम हिस्से में स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के जवाब देने होंगे, जिनमें इबोला के संभावित संपर्क और बुखार या ब्लीडिंग जैसे लक्षणों की जानकारी मांगी गई है।

भारत पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर क्या होगा?

भारत के किसी भी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद यात्रियों को इंटरनेशनल ट्रैवल हेल्थ डेस्क पर अपना एयर सुविधा एकनॉलेजमेंट (acknowledgement) दिखाना पड़ सकता है। ज्यादातर यात्री इस डेस्क से गुजरने के बाद सामान्य अराइवल प्रक्रिया का पालन कर सकेंगे। लेकिन फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर एयरपोर्ट पोर्ट हेल्थ ऑफिसर (Airport Port Health Officer) कुछ यात्रियों की अतिरिक्त मेडिकल स्क्रीनिंग कर सकते हैं। अगर कोई यात्री बिना फॉर्म भरे एयरपोर्ट पर पहुंचता है, तो उसे एयरपोर्ट स्टाफ के निर्देशों का पालन करते हुए सीधे हेल्थ डेस्क पर जाना होगा।

इबोला आउटब्रेक के कारण उठाया गया कदम

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय एंट्री पॉइंट्स पर यह सख्ती विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया घोषणा के बाद की है। 17 मई, 2026 को डब्ल्यूएचओ ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला/बुंडीबुग्यो (Ebola/Bundibugyo) वायरस आउटब्रेक को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किया था। इस खतरे से निपटने के लिए अपग्रेडेड एयर सुविधा 2.0 पोर्टल शुरू किया गया है। यह डिजिटल सिस्टम एयरपोर्ट हेल्थ अधिकारियों, इमिग्रेशन अधिकारियों और डिसीज सर्विलांस टीमों के बीच तेजी से डेटा शेयरिंग को सपोर्ट करता है, जिससे संभावित जोखिम वाले यात्रियों की आसानी से पहचान की जा सकेगी।