रामपुर से रिहाई, अब डासना जेल का सफर, आजम को कोर्ट से बड़ा झटका

azam khan
अजमल शाह
अजमल शाह

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। अब आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में गाजियाबाद की डासना जेल भेज दिया गया है।

ईडी सूत्रों के मुताबिक, अगले एक या दो दिन में एजेंसी गाजियाबाद की PMLA कोर्ट से आजम खान की रिमांड (पुलिस कस्टडी) की मांग करेगी। अगर पीसी रिमांड मिल जाती है, तो ईडी आजम खान को लखनऊ ले जाकर जौहर विश्वविद्यालय मामले में विस्तृत पूछताछ कर सकेगी।

जेल से रिहाई और फिर हिरासत की क्रोनोलॉजी

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को ‘दो पैन कार्ड’ बनवाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सजा निलंबित होने के बाद शनिवार को रामपुर जेल से रिहा किया गया था। लेकिन, रिहाई के ठीक बाद ईडी की टीम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए वहां पहुंच गई और आजम खान को अपनी कस्टडी में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के पुराने मामले में की गई है।

जौहर विश्वविद्यालय और ईडी की कुर्की

ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक मूलभूत ढांचे और आम जनता से जुड़े कार्यों के लिए रखे गए सरकारी धन का इस्तेमाल एक निजी शिक्षण संस्थान (जौहर विश्वविद्यालय) के निर्माण में किया गया है। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया था।

क्या था दो पैन कार्ड का मामला?

अब्दुल्ला आजम के दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने के मामले में रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए (MP/MLA) अदालत ने नवंबर 2025 में आजम खान और अब्दुल्ला दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही दोनों रामपुर जेल में बंद थे।

हालांकि, अभियोजन पक्ष इस सजा से संतुष्ट नहीं था। उनकी अपील पर सत्र अदालत ने आजम खान की सजा को सात साल से बढ़ाकर 10 साल और जुर्माने को 50 हजार से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया था। वहीं, अब्दुल्ला की सात साल की सजा बरकरार रखते हुए जुर्माने की राशि साढ़े तीन लाख रुपये कर दी गई थी।

इस फैसले के खिलाफ आजम खान और उनके बेटे ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। गत बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने दोनों की सजा को निलंबित कर दिया था, लेकिन अदालत ने उनकी दोष सिद्धि को रद्द नहीं किया था। अब जौहर यूनिवर्सिटी मामले में डासना जेल भेजे जाने के बाद आजम खान पर कानूनी शिकंजा और कस गया है।