नक्सलवाद कमजोर, अब ‘दिमागी नक्सलों’ से सतर्क रहने की जरूरत: PM मोदी

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई और नक्सलवाद, गरीबी तथा विपक्ष की भूमिका को लेकर बड़े बयान दिए।

‘देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है’

प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए कहा, “नक्सलवाद की कमर तोड़ी जा चुकी है, देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। हिंसा से पीड़ित लोग अब विकास से जुड़े हैं और आज देश पहले से ज्यादा सुरक्षित है।” हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि “दिमागी नक्सल का खतरा अभी टला नहीं है, देश को इनसे सतर्क रहना होगा।”

विपक्ष पर साधा निशाना

विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष अपना कर्तव्य त्याग चुका है और संविधान की मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश के विकास में रुकावट पैदा कर रहा है और उसका विरोध अब केवल ‘अवरोध’ बन चुका है।

गरीबी उन्मूलन और वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का जिक्र

पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “आजादी के बाद गरीबी हटाने के वादे हुए, गरीबी हटाने के नाम पर सिर्फ वोट मांगे गए। गरीबों की पहले क्या हालात थी, सभी जानते थे।” उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बीते 12 सालों से गरीब कल्याण पर जोर दिया जा रहा है। मुफ्त राशन और मुफ्त इलाज से गरीबों का पैसा बचा है।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में आई वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया, “इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 से पहले के दस से बारह सालों में 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को हरा दिया। पहले 100 में से 27 लोग (एक चौथाई से ज्यादा) बहुत ज्यादा गरीबी की चपेट में थे, आज यह संख्या घटकर 100 में से तीन लोगों से भी कम हो गई है।”

शाम को आयोजित हुआ समारोह, ‘नक्सल मुक्त भारत’ की थीम

इस बार एकता दिवस का कार्यक्रम सुबह की बजाय शाम को आयोजित किया गया। पीएम मोदी ने कहा, “सुबह लाखों नागरिकों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ में हिस्सा लिया और हमने देशवासियों का ज़बरदस्त उत्साह देखा। इस महान देश का नागरिक होने पर गर्व है और सरदार पटेल के प्रति आभार है, जिन्होंने आज़ादी के बाद 550 से ज़्यादा रियासतों को एक किया।”

समारोह में भारत की सांस्कृतिक झलक, शानदार प्रस्तुतियां और सुरक्षा बलों की एक भव्य परेड देखने को मिली। इस बार के समारोह की सबसे बड़ी खासियत देश से सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे का जश्न मनाना रहा। परेड में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB के साथ उन राज्यों की पुलिस के दल भी शामिल हुए, जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर एक नाट्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकारों ने हिस्सा लिया।