तीन हत्याओं का आरोपी शूटिंग का गोल्ड मेडलिस्ट? ऋषभ की नई जानकारी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज (नौबस्ता) इलाके में सोमवार को पार्किंग विवाद में हुए ट्रिपल मर्डर केस में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। खाली जमीन पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग कर तीन लोगों की जान लेने वाला मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी का पूर्व अधिकारी है। पुलिस ने इस हत्याकांड में 29 वर्षीय ऋषभ समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
खौफ का मंजर: एक हाथ में पिस्टल, दूसरे में मैगजीन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सआदतगंज में फायरिंग के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ऋषभ कथित तौर पर अपने घर के बाहर एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में मैगजीन लेकर बैठा रहा। इस दौरान जो लोग घायलों की मदद के लिए आगे आए, उसने उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी। आरोप है कि मदद करने पहुंचे एक व्यक्ति पर उसने फायरिंग भी की।
निशानेबाजी का मेडल और हथियारों का शौक
आरोपी के सटीक निशाने और गोली चलाने के तरीके की वजह उसकी पुरानी ट्रेनिंग को माना जा रहा है। ऋषभ शुक्ला शूटिंग में गोल्ड मेडल जीत चुका है और जिला स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा, उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर हथियारों के साथ उसकी कई तस्वीरें मौजूद हैं। इंस्टाग्राम पर उसके करीब 34.5 हजार फॉलोअर्स हैं। उसकी प्रोफाइल देखने से पता चलता है कि वह खुद को स्नेक और डॉग लवर (Snake and Dog Lover) भी बताता है। पुलिस अब उसकी शूटिंग ट्रेनिंग और इस वारदात के बीच के संबंधों की भी गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, हथियार बरामद
इस जघन्य हत्याकांड के बाद लखनऊ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में ऋषभ शुक्ला (29) के अलावा सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू (69), गिरीश कुमार शुक्ला (78), दिनेश शुक्ला उर्फ छून्ना (62), प्रिया शुक्ला (38) और अदिति शुक्ला (24) शामिल हैं। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, छह कारतूस, छह खोखे और दो मैगजीन बरामद की हैं।
अवैध निर्माण पर चला LDA का बुलडोजर
हत्याकांड के बाद प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक आरोपी के घर को सील करने की कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने भवन का नक्शा पास न होने के कारण इस निर्माण को अवैध घोषित करते हुए घर की चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस और प्रशासन की आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

