फिलीपींस को अमेरिका का 5 अरब $ का ऑफर, मदद को आगे आया अमेरिका

Philippine
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

फिलीपींस (Philippines) में परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) के विकास के लिए अमेरिका की ओर से 5 अरब डॉलर (लगभग 42 हजार करोड़ रुपये) तक का वित्तीय पैकेज (Financial Package) दिए जाने की संभावना है। फिलीपींस के ऊर्जा विभाग (DOE) ने इस बड़ी मदद की जानकारी दी है।

यह पैकेज सीधे सरकार को कर्ज (Loan) के रूप में नहीं, बल्कि उन निजी कंपनियों को ‘डेब्ट सपोर्ट’ (Debt Support) के तौर पर दिया जाएगा, जो देश में न्यूक्लियर पावर जनरेशन के क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं। इसके लिए अमेरिका के इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (IDFC) ने संभावित कर्ज सहयोग के संकेत दिए हैं। हालांकि, अभी तक इस समझौते पर किसी तरह के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।

ऊर्जा संकट से निपटने की बड़ी तैयारी

फिलीपींस फिलहाल अपनी ज्यादातर बिजली पैदा करने के लिए फॉसिल फ्यूल (मुख्य रूप से कोयले) पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे इंपोर्टेड फ्यूल पर देश की निर्भरता एक बड़ा जोखिम बन गई है। ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने और तेल के झटकों से बचने के लिए देश अब परमाणु ऊर्जा की ओर कदम बढ़ा रहा है।

ऊर्जा अवर सचिव (Energy Undersecretary) गियोवानी कार्लो बाकोर्डो ने बताया कि 10-18 अक्टूबर तक फिलीपींस के एक प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा किया था। इस दौरान इडाहो नेशनल लेबोरेटरी, यूएस न्यूक्लियर रेगुलेटरी कमिशन (NRC) और अमेरिकी ऊर्जा विभाग के साथ अहम बैठकें हुईं। 15 अक्टूबर को वाशिंगटन में फिलीपींस की ऊर्जा सचिव शेरोन गारिन ने अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के साथ भी मुलाकात की थी।

क्या है फिलीपींस का लक्ष्य?

फिलीपींस ने ‘फिलीपीन एनर्जी प्लान 2023-2050’ के तहत 2032 तक 1,200 मेगावाट (MW) और 2050 तक 4,800 मेगावाट परमाणु क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा, देश 2040 तक बिजली आपूर्ति में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी को 50% तक बढ़ाने पर भी काम कर रहा है।

परमाणु प्लांट के लिए संभावित जगहें और निजी कंपनियों की दिलचस्पी

देश में परमाणु बिजली संयंत्र लगाने के लिए बाटान (Bataan), बटांगास, मसबाटे, पांगासिनान, पलवान और कैमरून नॉर्ट जैसे स्थलों का अध्ययन किया जा रहा है। बंद पड़े बाटान परमाणु प्लांट को छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) के लिए फिर से तैयार करने की तकनीकी संभावनाओं पर भी विचार हो रहा है।

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में मेराल्को (Meralco), एबोइटिज पावर, सैन मिगुएल पावर और प्राइम इंफ्रा जैसी बड़ी फिलिपिनो ऊर्जा कंपनियों ने अपनी रुचि दिखाई है। निजी डेवलपर्स से 2027 तक औपचारिक प्रस्ताव जमा करने की उम्मीद है।

बाकोर्डो के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य सिर्फ प्लांट लगाना नहीं है, बल्कि देश में बड़ा निवेश लाना, स्थानीय इंजीनियरों और कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है। सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट को निवेश के लिहाज से सुरक्षित (Bankable) बनाने के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) के साथ भी मिलकर काम कर रही है।

आम उपभोक्ताओं को तुरंत नहीं मिलेगी राहत

परमाणु ऊर्जा का विकास एक लंबी और खर्चीली प्रक्रिया है, जिसके लिए मजबूत नियमन और जनता के भरोसे की जरूरत होगी। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) के 2030 तक और माइक्रो-मॉड्यूलर रिएक्टरों के 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसलिए, फिलीपींस के बिजली उपभोक्ताओं को फिलहाल अपने बिजली बिलों में तुरंत कोई बड़ी कटौती देखने को नहीं मिलेगी। हालांकि, लंबे समय में परमाणु ऊर्जा देश की पावर सप्लाई और कीमतों को स्थिर करने में एक अहम भूमिका निभा सकती है।