ईरान की अमेरिका को दोटूक: बातचीत के लिए तैयार, लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने अमेरिका पर कूटनीतिक वार्ताओं में ‘एकतरफा’ मांगें थोपने और ईरान के ‘पूर्ण आत्मसमर्पण’ का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। बघाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान कूटनीति के लिए दरवाजे खुले रखे हुए है और हर स्थिति (scenario) के लिए तैयार है, लेकिन कोई भी ईरानी नागरिक अमेरिका की इन एकतरफा शर्तों को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

‘अमेरिका में कोई सद्भावना नहीं, वार्ताओं के बीच किए हमले’

जर्मन सार्वजनिक प्रसारक ARD को दिए गए एक इंटरव्यू में बघाई ने कहा कि ईरानियों को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और उन्हें अपनी पूरी ताकत के साथ देश की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा।

उन्होंने अमेरिका पर कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए न्यूनतम सद्भावना (Goodwill) की कमी का आरोप लगाते हुए कहा, “हमने कभी बातचीत की मेज नहीं छोड़ी। हम मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। लेकिन अमेरिका ने वार्ताओं के बीच एक साल से भी कम समय में ईरान पर दो हमले किए, जो साबित करता है कि वाशिंगटन कूटनीति को लेकर गंभीर नहीं है।”

यूरोपीय देशों को दी नसीहत- ‘तुष्टीकरण बंद करें’

बघाई ने यूरोपीय देशों की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपियन यूनियन (EU) स्वतंत्र नीति अपनाने के बजाय अमेरिका के रुख का समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यूरोप से एक स्वतंत्र भूमिका की उम्मीद थी। हम चाहेंगे कि यूरोप अमेरिका की तुष्टीकरण (Appeasement) नीति के बजाय वैश्विक राजनीति में एक स्वतंत्र और परिपक्व भूमिका निभाए।” उन्होंने दावा किया कि समस्या तब शुरू हुई जब यूरोपीय देशों ने परमाणु मुद्दे पर अपनी रचनात्मक भूमिका छोड़कर वाशिंगटन का पक्ष लेना शुरू कर दिया।

‘US-इजरायल युद्ध’ और इस्लामाबाद समझौते का उल्लंघन

प्रवक्ता ने फरवरी 2026 में शुरू हुए “US-इजरायल युद्ध” का जिक्र करते हुए कहा कि ये हमले तब हुए जब तेहरान और वाशिंगटन ओमान और स्विट्जरलैंड में अप्रत्यक्ष वार्ता कर रहे थे। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार किया।

40 दिनों के संघर्ष के बाद अप्रैल में युद्धविराम हुआ और जून में ‘इस्लामाबाद समझौता’ (Islamabad MoU) हस्ताक्षरित किया गया। हालांकि, बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने सैन्य हमलों, तेल बिक्री लाइसेंस रद्द करने और लेबनान पर इजरायली हमलों को न रोककर बार-बार इस समझौते का उल्लंघन किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर ईरान का स्टैंड

रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बघाई ने कहा कि ईरान दशकों से इसका रक्षक रहा है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर इस जलमार्ग और खाड़ी देशों के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए करने का आरोप लगाया।

उन्होंने स्पष्ट किया, “होर्मुज जलडमरूमध्य इसलिए असुरक्षित नहीं है कि ईरान ने ऐसा किया है, बल्कि इसलिए है क्योंकि अमेरिका और इजरायल इसका इस्तेमाल सैन्य आक्रामकता के लिए कर रहे हैं।” ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता और विश्वास बहाल करने के कदम नहीं उठाता, तब तक वह इस जलमार्ग को व्यावसायिक यातायात के लिए पूरी तरह नहीं खोलेगा।