पहले दौर में पिछड़े, दूसरे में पलट दी बाजी! लूला की जीत ने सबको चौंकाया

lula
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के रनऑफ (Runoff) में उन्होंने अभूतपूर्व जीत दर्ज करते हुए लगातार चौथे कार्यकाल के लिए सत्ता पर काबिज होने का जनादेश हासिल किया है। इस चुनाव में उन्होंने लिबरल पार्टी (PL) के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे सीनेटर फ्लैवियो बोल्सोनारो (Flávio Bolsonaro) को करारी शिकस्त दी।

6.42 करोड़ वोटों के साथ तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (TSE) के लगभग पूर्ण नतीजों के अनुसार, वर्कर्स पार्टी (PT) के लूला डा सिल्वा को 51.78 प्रतिशत (करीब 64.2 मिलियन वोट) हासिल हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लैवियो बोल्सोनारो को 48.22 प्रतिशत वोट मिले। दोनों के बीच हार-जीत का फासला 40 लाख से अधिक वोटों का रहा।

लूला ने इस चुनाव में ब्राजील के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति उम्मीदवार द्वारा हासिल किए गए सबसे अधिक वोटों का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2022 के चुनाव में खुद उन्हीं के नाम था।

पहले राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी

1989 में ब्राजील में सीधे राष्ट्रपति चुनाव की वापसी के बाद यह पहली बार है जब पहले राउंड में दूसरे नंबर पर रहने वाले किसी उम्मीदवार ने रनऑफ में नतीजे पलट दिए हों। 4 अक्टूबर को हुए पहले राउंड के मतदान में फ्लैवियो बोल्सोनारो 47.03 प्रतिशत वोटों के साथ आगे थे, जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत वोट मिले थे।

दोनों राउंड के बीच लूला ने अपने अभियान को तेज किया और पूर्वोत्तर राज्यों, मिनस गेरैस और प्रमुख शहरी केंद्रों में भारी मतदान के चलते 1 करोड़ से अधिक अतिरिक्त वोट हासिल किए। इस दौरान वोटिंग न करने वालों की संख्या में भी भारी गिरावट देखी गई।

लूला का बयान: “यह नकारवाद और झूठ की हार है”

TSE द्वारा नतीजों की पुष्टि के बाद, मंगलवार को 81 वर्ष के होने जा रहे लूला डा सिल्वा ने अपनी पहली टिप्पणी में इस जीत को “नकारवाद और झूठ की हार” करार दिया।

उन्होंने विदेशी दबावों को खारिज करते हुए सख्त लहजे में कहा कि ब्राजील “किसी का पिछवाड़े (backyard) नहीं बनेगा।” लूला ने सभी 21.5 करोड़ ब्राजीलियाई नागरिकों के लिए सरकार चलाने और चुनाव प्रक्रिया में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म को विनियमित (Regulate) करने का संकल्प लिया।

उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लूला ने “दूसरी बार ब्राजील के लोकतंत्र को बचाया है।” मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम समेत पैराग्वे, उरुग्वे, बोलीविया, पनामा और क्यूबा के नेताओं ने भी लूला को बधाई दी।

बोल्सोनारो खेमे ने नतीजे मानने से किया इनकार

मतदान के दिन सार्वजनिक परिवहन में बाधाओं की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम फेडरल कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टियानो ज़ैनिन ने देश भर में वोटिंग का समय दो घंटे बढ़ा दिया था।

फ्लैवियो बोल्सोनारो के खेमे ने इस कदम को नियमों में “अस्वीकार्य बदलाव” बताते हुए हार मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव को रद्द कराने के लिए कोर्ट जाने की योजना का ऐलान किया है। हालांकि, TSE ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया है और कहा है कि वोटों के गणित को देखते हुए नतीजे पलटने की कोई गुंजाइश नहीं है।

लूला डा सिल्वा का चौथा कार्यकाल 5 जनवरी, 2027 से शुरू होगा, जिसके साथ ही ब्राजील की स्वतंत्र विदेश नीति और अमेजन संरक्षण के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।