अरुणाचल में कई जगह चीनी सैनिकों से फेस-ऑफ, ITBP चीफ का कबूलनामा

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अजमल शाह
अजमल शाह

अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि हाल के दिनों में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों (PLA) के बीच आमना-सामना (Face-off) हुआ है और कुछ जगहों पर यह तनावपूर्ण स्थिति अब भी बरकरार है। इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरते हुए चीन के मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है।

अरुणाचल में कई जगहों पर फेस-ऑफ, ‘शौर्य कमांडो’ ने संभाला मोर्चा

राजस्थान के अलवर में ITBP के 65वें स्थापना दिवस समारोह से पहले जवानों को संबोधित करते हुए महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में चीनी सैनिकों के साथ तनातनी जारी है। उन्होंने बताया कि इन घटनाओं के दौरान ITBP के जवानों, विशेषकर नई लड़ाकू टीम ‘शौर्य कमांडो’ ने बेहद प्रभावी भूमिका निभाई। कपूर ने कहा कि इस टीम ने फेस-ऑफ की स्थितियों में अपनी क्षमता साबित की है। बल की योजना है कि भविष्य में हर सीमा बटालियन में ऐसे कमांडो तैनात किए जाएं।

चीन से मुकाबले के लिए रणनीति में बदलाव: ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर फोकस

ITBP प्रमुख ने स्पष्ट किया कि चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी को अब पारंपरिक सैन्य तरीकों से नहीं रोका जा सकता। आधुनिक युद्ध का स्वरूप बदल चुका है और इसमें ड्रोन तकनीक अहम भूमिका निभा रही है।

  • ड्रोन प्लाटून: ITBP की सभी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून तैयार किए जा चुके हैं।

  • बजट: केंद्र सरकार से मिले 400 करोड़ रुपये के आधुनिकीकरण फंड का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं पर खर्च किया जा रहा है।

  • नई योजना: 4,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी आधुनिकीकरण योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिली है, जिसमें से करीब 1,000 करोड़ रुपये इसी तकनीक पर खर्च होंगे।

गलवान जैसी झड़प के लिए ‘स्ट्राइक’ ट्रेनिंग और भूमिगत बंकर

जून 2020 की गलवान घाटी जैसी हिंसक झड़पों से निपटने के लिए ITBP ने ‘स्ट्राइक’ नाम का एक नया प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। महानिदेशक ने बताया कि 2027 के अंत तक पूरे बल को इस ट्रेनिंग से गुजारा जाएगा। इसके अलावा, आधुनिक युद्ध के खतरों को देखते हुए ITBP सीमा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अंडरग्राउंड (भूमिगत) बंकर तैयार कर रही है, ताकि हमलों से बचा जा सके।

कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब

ITBP प्रमुख के इस अहम बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ITBP के प्रमुख खुद अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर तनाव और फेस-ऑफ की बात स्वीकार कर रहे हैं, तो प्रधानमंत्री और सरकार इस मुद्दे पर खामोश क्यों हैं? रमेश ने मांग की है कि केंद्र सरकार को सीमा की वास्तविक स्थिति पर देश के सामने स्पष्ट जानकारी रखनी चाहिए।