सर्बिया में छात्र आंदोलन तेज, चुनाव से पहले वुसिच के सामने क्या चुनौती है

सर्बिया में रविवार (25 अक्टूबर 2026) को होने वाले अहम संसदीय चुनावों से पहले राजधानी बेलग्रेड में करीब 1.5 लाख छात्रों और समर्थकों ने एक विशाल रैली निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व ‘स्टूडेंट लिस्ट’ (Student List) कर रही है, जिसका लक्ष्य 14 साल से सत्ता पर काबिज अलेक्जेंडर वुसिच (Aleksandar Vucic) और उनकी दक्षिणपंथी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) को सत्ता से बेदखल करना है।
नोवी साद हादसे से शुरू हुआ भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन
सर्बिया में राजनीतिक बदलाव की यह लहर लगभग दो साल पहले शुरू हुई थी। नवंबर 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन पर एक नवनिर्मित छतरी (Canopy) के गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी के लिए व्यापक रूप से सरकारी भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया गया था। इसी घटना के बाद से छात्रों ने पारदर्शी जांच की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया, जिसने अब एक बड़े राजनीतिक और चुनावी अभियान का रूप ले लिया है।
‘स्टूडेंट लिस्ट’ की चुनौती और वादे
बिना किसी एक चेहरे या नेता वाली इस ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने संसद की 250 सीटों के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और आम पेशेवर शामिल हैं। स्लाविया स्क्वायर पर जमा हुई भीड़ को संबोधित करते हुए ‘स्टूडेंट लिस्ट’ के उम्मीदवार और प्रोफेसर जुगोस्लाव गासिच ने कहा, “हम 14 साल के अपमान, अराजकता और विश्वासघात का अंत कर रहे हैं। हम उन दशकों का अंत कर रहे हैं, जहां व्यक्तिगत और पार्टी के हितों को जनता से ऊपर रखा गया।” रैली में शामिल छात्रों ने संविधान की प्रतियां लहराईं और ‘छात्र जीत रहे हैं’ के नारे लगाए।
वुसिच का पलटवार: ‘विदेशी साजिश का हिस्सा है आंदोलन’
सर्बिया की राजनीति पर एक दशक से ज्यादा समय तक हावी रहने वाले अलेक्जेंडर वुसिच इस चुनाव में अपने राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। पिछले महीने ही उन्होंने प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ने के लिए राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया है।
गुरुवार को एक स्पोर्ट्स हॉल में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए वुसिच ने छात्र आंदोलन को खारिज करते हुए इसे ‘विदेशी वित्त-पोषित तख्तापलट’ का प्रयास करार दिया। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा, “हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने हमारे राज्य को गिराने की कैसे कोशिश की। हमें बाहर निकलकर उन्हें निर्णायक रूप से हराना है।”
स्वतंत्र चुनाव पर नागरिक समाज की चिंताएं
चुनाव से ठीक पहले, सर्बिया के 24 नागरिक समाज संगठनों ने एक साझा बयान जारी कर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर चिंताएं जताई हैं। इन समूहों का आरोप है कि चुनाव अभियान के दौरान सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग, गिरफ्तारियां, धमकियां और मीडिया में पक्षपात देखने को मिला है। इसी हफ्ते बेलग्रेड अभियोजकों ने चुनाव के दिन “हिंसा और दंगों” की साजिश रचने के संदेह में छह लोगों से पूछताछ भी की है।

