ख्वाहिशें और बिछड़ने का दर्द, Good Trip में जिंदगी का खूबसूरत संदेश

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

हांगकांग की नई कॉमेडी-रोड मूवी ‘गुड ट्रिप’ (Good Trip) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म पिता और बेटी की एक अप्रत्याशित और आखिरी यात्रा की कहानी बयां करती है। फिल्म एक ऐसे गंभीर विषय—माता-पिता की मृत्यु—से निपटती है जो किसी भी परिवार के लिए बेहद दर्दनाक हो सकता है, लेकिन इसे इस तरह पेश किया गया है कि यह आपको रुलाने के बजाय जिंदगी के प्रति सकारात्मक नजरिया देती है।

इस फिल्म का सह-निर्देशन नॉरिस वोंग यी-लाम (The Lyricist Wannabe) और वोंग होई ने किया है। नॉरिस ने ही इसका स्क्रीनप्ले भी लिखा है, जबकि इसका निर्माण मशहूर फिल्ममेकर मेबेल चेउंग युएन-टिंग (Mabel Cheung Yuen-ting) ने किया है।

अधूरी इच्छाएं और एक अचानक लिया गया फैसला

फिल्म की शुरुआत एक दिलचस्प वूशिया (wuxia) सीन से होती है, जो दरअसल फिल्म के मुख्य किरदार केउंग (Nick Cheung Ka-fai) का एक दिन का सपना है। केउंग फिल्मों में एक्स्ट्रा का काम कर चुका है, लेकिन अब वह कैंसर का मरीज है और अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा है। केउंग का सिनेमा के प्रति यह जुनून उसकी बेटी शान (Chung Suet-ying) में भी आ गया है, जो एक फिल्म शूट पर असिस्टेंट के तौर पर काम करती है।

कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है जब केउंग को पता चलता है कि निमोनिया की जटिलताओं के कारण उसके पास जीने के लिए केवल दो हफ्ते बचे हैं। उसी रात, शान को अगली सुबह के शूट के लिए एक दूरदराज के गोदाम से एक बड़ा प्रॉप बाउल लाने का काम सौंपा जाता है। केउंग जिद करके उसके साथ इस सफर पर निकल पड़ता है। रात की यह छोटी सी ड्राइव चमत्कारिक रूप से एक ही दिन में एक बड़ी यात्रा में बदल जाती है।

मकाऊ से जापान तक का सफर

अगली सुबह, दोनों मकाऊ के एक कैसीनो में केउंग के पुराने दोस्त हांग (Philip Keung Ho-man) के साथ जुआ जीत रहे होते हैं। हांग ने कभी एक नाकाम बिजनेस में केउंग को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया था, जिसके चलते केउंग की शादी भी टूट गई थी। यह सीक्वेंस निक चेउंग के शुरुआती करियर की क्लासिक जुआ फिल्मों को एक श्रद्धांजलि जैसा है।

इसके बाद, बाप-बेटी की यह जोड़ी अचानक जापान के ओकिनावा (Okinawa) के लिए उड़ान भरती है, ताकि केउंग की पत्नी फोंग (Yoyo Mung Ka-wai) को सरप्राइज दे सकें। फोंग सात साल पहले केउंग और शान को छोड़कर अपने पिता का बिजनेस संभालने ओकिनावा चली गई थी। यह सफर केउंग को अपनी गलतियों का पश्चाताप करने और परिवार से माफी मांगने का एक आखिरी मौका देता है।

शानदार अभिनय ने संभाली कहानी की खामियां

फिल्म की कहानी में कुछ सवाल उठते हैं, जैसे—केउंग और शान के पास अचानक पासपोर्ट कहां से आए? वे जापानी कैसे बोल सकते हैं? और अनजान लोग केउंग के डॉक्टर (Mirror member Stanley Yau Sze-chun) और नर्स (Yeung Nga-man) की तरह क्यों दिखते हैं? ऐसा लगता है कि चीजें जरूरत से ज्यादा आसानी से हो रही हैं।

हालांकि, निक चेउंग का बेमिसाल अभिनय फिल्म की इन कमियों को ढंक लेता है। एक ऐसे पिता के किरदार में जो अपने परिवार के लिए नाकाम रहा, उन्होंने शानदार कॉमिक टाइमिंग और ‘डैड जोक्स’ (dad jokes) के जरिए दर्शकों की सहानुभूति बटोरी है। दूसरी ओर, बेटी के किरदार में चुंग सुएत-यिंग ने भी एक दमदार परफॉर्मेंस दी है।

तर्कहीनता के बावजूद, ‘गुड ट्रिप’ (Good Trip) एक दिल छू लेने वाली फिल्म है, जो शानदार कॉमेडी के साथ जीवन के सबसे कड़वे सच—मृत्यु—पर एक शांत चिंतन पेश करती है।