माफ कर दीजिए, लेकिन न्याय दीजिए, कोर्ट में संजय राउत के बयान पर सुनवाई

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपने एक बयान को लेकर सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें माफी मांगने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शीर्ष अदालत को उनकी पार्टी और आम जनता को न्याय देना चाहिए। इस दौरान राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
‘सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, की न्याय की गुहार’
राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं और माफी मांगने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं माफी मांगता हूं, लेकिन हमें न्याय दीजिए। चुनाव आयोग के मामले में और अंकिता भंडारी मामले में हमें न्याय चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पिछले चार वर्षों से शिवसेना और उसके चुनाव चिह्न के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला है। राउत के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति के बाद देश की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। मौजूदा समय में संविधान का अपमान हो रहा है और इसकी रक्षा की जिम्मेदारी शीर्ष अदालत की है। उन्होंने बार एसोसिएशन के संदर्भ में दिए गए अपने एक पूर्व बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मीडिया के सामने बयान दिया था और अब मीडिया के सामने ही माफी भी मांग रहा हूं।
ज्ञानेश कुमार को बताया ‘बीजेपी का एजेंट’
संजय राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार संवैधानिक पद पर बैठे हैं, लेकिन वे सीधे तौर पर बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और इसमें सरकार की पूरी मिलीभगत है।
राउत ने बताया कि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में 11 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि वह किसी के दबाव में नहीं है। हमें भी यही चाहिए। हजारों लोग न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर खड़े हैं और अब लग रहा है कि हमें न्याय मिलेगा।”
अमित शाह और फडणवीस पर साधा निशाना
राज्यसभा सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, अमित शाह बार-बार धमकियां दे रहे हैं और जो कुछ वे कर रहे हैं, उसके लिए खुद उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
इसके साथ ही राउत ने बीजेपी पर चुनावों में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मृत लोगों की जगह बीजेपी के लोगों ने जाकर मतदान किया है। बीजेपी पर तंज कसते हुए राउत ने पूछा कि क्या इसे ही शुद्धिकरण कहते हैं। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एक शिक्षित मुख्यमंत्री (पूर्व) हैं, इसलिए उनके घोटालों के उजागर होने के बाद अब उन्हें कम से कम संविधान का सम्मान करना चाहिए।

