कोर्ट का Meta को आदेश, लूला और बोलसोनारो के साथ करें एक जैसा बर्ताव

ब्राजील की शीर्ष चुनावी अदालत ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) को कड़ा निर्देश देते हुए 25 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के रनऑफ से पहले दोनों उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। अदालत का यह फैसला राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के उस औपचारिक शिकायत के बाद आया है, जिसमें उन्होंने इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा पर विपक्षी उम्मीदवार फ्लेवियो बोलसोनारो को फायदा पहुंचाने के लिए एल्गोरिदम और एआई प्रतिबंधों में हेरफेर करने का आरोप लगाया था।
अदालत के न्यायाधीश मार्को ऑरेलियो बेलिज़े ने गुरुवार को आदेश दिया कि मेटा राजनीतिक सामग्री के वितरण को इस तरह से सीमित नहीं कर सकता, सर्च परिणामों को रोक नहीं सकता या पोस्ट्स को हटा नहीं सकता जिससे लूला और बोलसोनारो के बीच असंतुलन पैदा हो।
नियम तोड़ा तो 5 लाख रियास का दैनिक जुर्माना
जस्टिस बेलिज़े ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मेटा को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल दोनों उम्मीदवारों के लिए एक समान मानदंड लागू करे। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी इन निर्देशों का पालन करने में विफल रहती है, तो उसे प्रतिदिन 5,00,000 रियास (लगभग 98,000 डॉलर) का जुर्माना भरना पड़ेगा।
मेटा ने फिलहाल अदालत के इस फैसले पर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
WhatsApp के ‘Meta AI’ पर भेदभाव के आरोप
एसोसिएटेड प्रेस (AP) के पास मौजूद लूला अभियान की कानूनी शिकायत के अनुसार, मेटा ने राष्ट्रपति लूला के कैंपेन मटीरियल और ऑर्गेनिक पोस्ट्स की पहुंच (रीच) में अकारण कटौती की है। इसके विपरीत, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के बेटे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाने वाले फ्लेवियो बोलसोनारो से जुड़े खातों और विज्ञापनों को बनावटी रूप से भारी विजिबिलिटी दी गई, जिससे उनके एंगेजमेंट आंकड़े वैश्विक हस्तियों के बराबर पहुंच गए।
शिकायत में व्हाट्सएप के ‘Meta AI’ फीचर को लेकर भी बड़ा दावा किया गया है। लूला पक्ष का कहना है कि जब यूजर्स 80 वर्षीय राष्ट्रपति लूला के समर्थन में प्रचार सामग्री या तस्वीरें तैयार करने की कोशिश करते हैं, तो टूल काम नहीं करता, जबकि फ्लेवियो बोलसोनारो के प्रचार से जुड़ा कंटेंट बिना किसी रुकावट के तैयार हो रहा है।
लूला के वकीलों जीन फरेरा और एवलिन सैंटोस ने एक बयान में कहा, “एक तरफ उम्मीदवार लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा और उनके समर्थकों की सामग्री को बिना किसी पारदर्शिता या कारण के प्रतिबंधित किया जा रहा है। दूसरी तरफ विरोधी खेमे के लिए काम करने वाले प्रोफाइल्स को अप्रत्याशित और बनावटी रीच मिल रही है।” लूला कैंपेन ने अदालत से मांग की है कि मेटा को इस नुकसान की भरपाई के लिए लूला की रीच दोगुनी करने का आदेश दिया जाए।
तकनीकी खराबी का तर्क देकर मेटा ने नकारे थे आरोप
इस विवाद की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुई थी, जब लूला के समर्थकों ने मेटा टूल्स के इस्तेमाल में आ रही दिक्कतों की शिकायत करना शुरू किया था। उस समय मेटा ने चुनावी अदालत में जवाब दाखिल कर बोलसोनारो का पक्ष लेने के आरोपों को खारिज किया था। कंपनी ने अपनी दलील में कहा था कि कुछ तकनीकी खामियों (Glitches) की वजह से दिक्कतें आई थीं, जिनका असर ब्राजील के बाहर के कई खातों पर भी पड़ा था। मेटा ने यह भी दावा किया था कि वह ब्राजील के चुनावी नियमों का पूरी तरह पालन कर रही है और सभी राजनीतिक दलों को मंच पर समान पहुंच देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पहले दौर के नतीजे और 25 अक्टूबर का मुकाबला
यह पूरा विवाद ब्राजील में सत्ता की कांटे की लड़ाई के बीच सामने आया है। 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। विपक्षी उम्मीदवार फ्लेवियो बोलसोनारो ने पहले दौर में 47 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जबकि मौजूदा राष्ट्रपति लूला को 45 प्रतिशत वोट मिले थे। अब 25 अक्टूबर को होने वाले रनऑफ में दोनों के बीच सीधा मुकाबला होना है।

