यमन में राष्ट्रपति भवन पर हूतियों का हमला, अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा

मध्य पूर्व (Middle East) में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। यमन की अंतरिम राजधानी अदन में गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। उधर, सऊदी अरब ने मदीना के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को नष्ट करने का दावा किया है। दूसरी तरफ, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद रखने के ईरान के दावे और अमेरिका द्वारा नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने से दोनों देशों के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है।
अदन के अल-माशीक पैलेस पर मिसाइल स्ट्राइक
यमन के सैन्य सूत्रों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने अदन स्थित अल-माशीक राष्ट्रपति भवन (Al-Maashiq Palace) को निशाना बनाकर घातक मिसाइल दागी। यह पैलेस यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का मुख्यालय भी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने परिसर से धुआं उठते देखा। हूती समर्थक मीडिया ने इसे एक “सैन्य संचालन मुख्यालय” पर किया गया हमला करार दिया है। इस हमले में 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 10 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
सऊदी अरब ने इंटरसेप्ट की क्रूज मिसाइल और ड्रोन
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसने मदीना के हवाई क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल को मार गिराया है, हालांकि हूतियों ने इस हमले से इनकार किया है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशायत में एक संदिग्ध ड्रोन को भी नष्ट किया गया।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने कहा कि रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, आभा, नजरान और जाजान एयरपोर्ट पर हूती हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गठबंधन सना, सादा और अमरान में हूतियों के मिसाइल लॉन्च पैड और हथियारों के पहाड़ी ठिकानों को नष्ट करने की कार्रवाई जारी रखेगा।
‘होर्मुज बंद रहेगा’: ईरान और अमेरिका के बीच दावों की जंग
इस क्षेत्रीय तनाव का असर वैश्विक समुद्री मार्गों पर भी दिखने लगा है। ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने तेहरान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक “बंद रहेगा” जब तक कि ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया जाता। उन्होंने दावा किया कि यह जलमार्ग ईरानी सेना और IRGC की पूरी निगरानी में है और कोई भी दुश्मन पोत इसमें प्रवेश नहीं कर सका है।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हातामी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। यूएस मिलिट्री ने कहा कि होर्मुज पूरी तरह से खुला है और अमेरिकी व सहयोगी बलों की मदद से एक ही दिन में 1.9 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग से गुजारा गया है।
‘ईरान की अर्थव्यवस्था पर कस रहा फंदा’: अमेरिकी प्रतिबंध
तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत ईरान से जुड़े वित्तीय नेटवर्कों और एक इराकी बैंक पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा, “ईरानी अर्थव्यवस्था के चारों ओर फंदा कसता जा रहा है, और उसके सहयोगी भी उसे नहीं बचा सकते। जब तक तेहरान की तिजोरियां खाली नहीं हो जातीं और उसकी युद्ध मशीनरी की वित्तीय जीवनरेखा कट नहीं जाती, तब तक अमेरिका नहीं रुकेगा।”
वहीं, CNN की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने का फैसला करते हैं, तो पेंटागन ईरान के ऊर्जा और परमाणु ठिकानों के खिलाफ अपने सबसे बड़े गैर-परमाणु बम ‘MOAB’ (मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स) के इस्तेमाल पर भी विचार कर रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों पर असर
सप्लाई में रुकावट की आशंका और नए कूटनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में हलचल बनी हुई है। एशियाई कारोबार में शुक्रवार सुबह ब्रेंट क्रूड मामूली गिरावट के बावजूद 105.50 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर बना रहा, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 97.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। निवेशक मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात और अमेरिका द्वारा आपातकालीन तेल भंडार जारी करने की योजनाओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

