CJP प्रदर्शन पर चिराग बोले युवाओं को अराजकता की ओर धकेल रही पार्टी

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
चिराग ने स्पष्ट किया है कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति हमेशा रही है, लेकिन यदि किसी आंदोलन की आड़ में असामाजिक तत्व अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें चिह्नित कर रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
‘CJP युवाओं के जरिए अपनी सोच थोप रही’
दिल्ली में शनिवार को हुए CJP के प्रदर्शन को लेकर चिराग पासवान ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “CJP जैसी पार्टियां जिस तरह से अपनी सोच को युवाओं के माध्यम से अराजकता की तरफ ले जा रही हैं, उन्हें चिह्नित करके रोका जाना बेहद जरूरी है। हां, अगर कोई सामान्य और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जता रहा है, तो उसे प्रदर्शन करने दिया जाना चाहिए।”
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज के सवाल पर चिराग ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, “कई बार परिस्थितियां अलग होती हैं। अगर प्रदर्शन में ज्यादा अराजकता फैल रही होगी, तो पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ा होगा। फिर भी, मैं निजी तौर पर हिंसा का समर्थन नहीं करता।”
‘सड़कें जाम करने से दिल्ली वाले परेशान, वैधानिक तरीका अपनाए कांग्रेस’
CJP के साथ-साथ चिराग पासवान ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के लगातार प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन के कारण आम दिल्लीवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पासवान ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा, “अगर आपको चुनाव आयोग से कोई शिकायत या चिंता है, तो अपनी बात सही माध्यमों और वैधानिक मंचों से रखनी चाहिए। कांग्रेस ने हाल ही में महामहिम राष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी, इसलिए बात रखने का वह सही तरीका है। लेकिन तीन-तीन दिनों तक दिल्ली की सड़कों को जाम रखना और आम लोगों को परेशान करना बिल्कुल भी सही नहीं है।”
बिना अनुमति के प्रदर्शन और कांग्रेस का अगला कदम
गौरतलब है कि CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि इसके लिए तय नियम के अनुसार 10 दिन पहले आवेदन नहीं किया गया था। अनुमति न मिलने के बावजूद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार तीन दिनों तक प्रदर्शन किया है और राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के साथ एक और बड़े विरोध-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

