एक व्यक्ति जमा कर सकेगा सिर्फ 10 Form 7, चुनाव आयोग ने बदले नियम

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट सुधार के दौरान किसी एक मतदाता द्वारा भरे जा सकने वाले ‘फॉर्म 7’ आवेदनों की अधिकतम संख्या सीमित कर दी है। अब कोई भी अकेला वोटर थोक में या असीमित संख्या में फॉर्म 7 दाखिल नहीं कर सकेगा।

दावे और आपत्तियों के दौरान अधिकतम 10 आवेदन की छूट

निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण या दावे और आपत्तियों (Claims and Objections) की पूरी निर्धारित अवधि के दौरान नियमों को कड़ा किया गया है। इस पूरी अवधि के दौरान कोई भी एक मतदाता अधिकतम 10 ‘फॉर्म 7’ आवेदन ही जमा कर सकता है। तय सीमा से अधिक आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

लगातार अपडेशन में महीने में सिर्फ 5 फॉर्म भर सकेंगे वोटर

निर्वाचन नामावली के सामान्य दिनों में चलने वाले निरंतर अपडेशन (Continuous Updation) के दौरान भी आयोग ने सख्त बंदिश लगाई है। इस अवधि में किसी भी एक मतदाता द्वारा प्रति माह अधिकतम 5 ‘फॉर्म 7’ आवेदन दाखिल करने की अनुमति होगी। आयोग का यह कदम मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्तियों की प्रक्रिया में होने वाले कथित दुरुपयोग और थोक आवेदनों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया माना जा रहा है।

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन

चुनाव आयोग का यह फैसला ऐसे समय सामने आया है जब कॉकरोज जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर रखा है। आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए सीजेपी ने दिल्ली में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसे लेकर राजधानी में प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।