जानिए योगी कैबिनेट के 39 फैसलों में क्या-क्या बदला, एयरपोर्ट से AI पूरी लिस्ट

लोकभवन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में विकास, औद्योगिक निवेश, कृषि, रोजगार, तकनीक और जनकल्याण से जुड़े 39 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में राज्य को ‘विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप आगे ले जाने के संकल्प को दोहराया गया। मंत्रिपरिषद ने जेवर स्थित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर करने और भदोही का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दी।
जेवर एयरपोर्ट और भदोही के नामकरण पर लगी मुहर
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में बुनियादी ढांचे के दो बड़े नामकरण शामिल रहे। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब ‘नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही कालीन उद्योग के लिए पहचाने जाने वाले भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदासनगर भदोही’ करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट से पारित कर दिया गया।
यूपी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन और स्टार्टअप क्रय योजना को मंजूरी
तकनीक और नवाचार के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (यूपी-एआईएम) की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इस मिशन के तहत प्रदेश में एआई आधारित समाधानों और शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026’ को भी मंजूरी दी गई। इस नीति के जरिए सरकारी खरीद में उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्टार्टअप्स को सीधे अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि युवा उद्यमियों और नवाचार को सीधा प्रोत्साहन मिल सके।
खरीफ 2026-27 के लिए धान क्रय नीति, आंगनबाड़ी कर्मियों को अतिरिक्त साड़ी
कृषि क्षेत्र के अंतर्गत कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए नई धान क्रय नीति निर्धारित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है, जिससे आगामी सीजन में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद की व्यवस्था संचालित होगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के हित में फैसला लेते हुए उन्हें एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई।
मॉडल भवन विनियम-2026, ब्याज माफी और मैनपुरी में फोरलेन सड़क
औद्योगिक ढांचे को गति देने के लिए प्रदेश के सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में ‘मॉडल भवन विनियम-2026’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में निर्माण कार्यों और मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को मानकीकृत और व्यवस्थित किया जाएगा।
वित्तीय मोर्चे पर ‘उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026’ के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकार किया। वहीं, सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मैनपुरी में राज्य मार्ग संख्या-84 (SH-84) को चार लेन चौड़ा करने के प्रस्ताव को भी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई।

