असम में बैलेट पेपर से हुए चुनाव में हारी कांग्रेस, हिमंत बिस्वा सरमा ने कसा तंज

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Lee Chang (North East Expert)
Lee Chang (North East Expert)

असम के सिलचर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन (NDA) ने प्रचंड जीत दर्ज की है। इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर से कराए गए थे। बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस नतीजे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है।

42 में से 34 सीटों पर NDA का कब्जा

सिलचर नगर निगम के कुल 42 वार्डों के लिए हुए चुनाव में भाजपा गठबंधन ने एकतरफा जीत हासिल की। चुनाव नतीजों के अनुसार, NDA ने 42 में से कुल 34 सीटों (भाजपा 32, AGP 2) पर जीत दर्ज की है। इसमें से दो सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं, कांग्रेस पूरे निगम क्षेत्र में केवल 2 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। इसके अलावा, 6 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों को सफलता मिली है।

‘बैलेट पेपर पर भी बुरी तरह हार गई कांग्रेस’

कांग्रेस की इस शिकस्त पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ईवीएम विवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस पार्टी पूरे देश में EVM हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती है, वह बैलेट पेपर के चुनाव में भी बुरी तरह हार गई है।

सरमा ने कहा कि कांग्रेस को यह हार स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने मीडिया से कहा कि अब पत्रकारों को कांग्रेस से यह सवाल पूछना चाहिए कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुए, तब भी उन्हें वोट क्यों नहीं मिले और इस हार का असली कारण क्या है।

अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर निर्दलीयों ने किया बेहतर प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ने चुनाव नतीजों की जानकारी देते हुए बताया कि सिलचर की 10 ऐसी सीटें जो अल्पसंख्यक बहुल मानी जाती हैं, वहां भी कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उन्होंने दावा किया कि इन अल्पसंख्यक बहुल वार्डों में कांग्रेस से ज्यादा वोट निर्दलीय उम्मीदवारों ने बटोरे हैं।

सिलचर में छह साल बाद नगर निगम के चुनाव हुए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान खराब सड़कें, जलजमाव और बिजली आपूर्ति जैसे स्थानीय मुद्दे हावी रहे। भाजपा नेताओं ने इन नतीजों को राज्य सरकार के विकास कार्यों और जनता के भरोसे की जीत बताया है।