2 घंटे हिरासत में रहे राहुल, रिहाई के बाद अधीर बोले- तानाशाही की भी सीमा

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने करीब दो घंटे बाद रिहा कर दिया है। पुलिस ने उन्हें बाराखंभा थाने में रखा था, जहां से शाम करीब सवा सात बजे उन्हें छोड़ दिया गया। राहुल गांधी की रिहाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिसिया कार्रवाई और सरकार के रुख पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

बाराखंभा थाने से छोड़े गए राहुल गांधी

बुधवार शाम जंतर-मंतर कूच के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था। इसके बाद राहुल गांधी को सीधे बाराखंभा रोड स्थित पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों ने थाने में करीब दो घंटे तक रखने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से रिहा कर दिया।

‘दिनदहाड़े हो रहा दमन’: अधीर रंजन चौधरी का तीखा हमला

राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “दिल्ली में दिनदहाड़े किस तरह का दमन हो रहा है, यह आप देख सकते हैं। राहुल गांधी सिर्फ अपनी बात मनवाने के लिए धरना देना चाहते हैं, विरोध करना चाहते हैं, तो इस तरह की बाधा डालने का क्या मतलब है? तानाशाही की भी एक सीमा होती है।”

जंतर-मंतर मार्च के दौरान बढ़ा था टकराव

मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों के साथ जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे राहुल गांधी को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया था। बस पंक्चर होने और पुलिस द्वारा आगे बढ़ने की अनुमति न दिए जाने के बाद विपक्षी नेताओं ने पैदल मार्च शुरू किया था, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को जबरन बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया था।