Coal India के 2 लाख कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, ₹1.10 लाख बोनस तय

दुर्गापूजा और दशहरे से ठीक पहले कोल इंडिया (Coal India) के करीब 2.01 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कोल इंडिया प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच शनिवार को हुई लंबी बातचीत के बाद 2026 के परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLR) पर अंतिम मुहर लग गई है। इस साल कर्मचारियों को बोनस के तौर पर 1,10,250 रुपये दिए जाएंगे।
9 घंटे चली बैठक, 15 अक्टूबर तक होगा भुगतान
कोल इंडिया मुख्यालय में शनिवार को एपेक्स जेसीसी (Apex JCC) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने की। बैठक में कंपनी के निदेशक मंडल और अनुषंगी कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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श्रमिक संगठनों ने शुरुआत में 1.25 लाख रुपये के बोनस की मांग रखी थी।
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बोनस की राशि को लेकर प्रबंधन और यूनियनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई।
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करीब नौ घंटे चली लंबी चर्चा के बाद अंततः 1,10,250 रुपये की राशि पर सहमति बनी।
प्रबंधन की तैयारी है कि 15 अक्टूबर तक बोनस की यह रकम कर्मचारियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दी जाए। तय राशि के अनुसार, कोल इंडिया प्रबंधन बोनस के मद में कुल 2,216 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा।
इन अनुषंगी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस बोनस का फायदा मुख्य कंपनी के साथ-साथ कोल इंडिया की पात्र अनुषंगी कंपनियों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। अकेले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के करीब 31 हजार कोयला कर्मचारी इस फैसले से लाभान्वित होंगे। PLR का लाभ पाने वाली कंपनियों की सूची में ये शामिल हैं:
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भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL)
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सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL)
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ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL)
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महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL)
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नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL)
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साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL)
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सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL)
लगातार तीसरे साल बढ़ा बोनस का ग्राफ
कोल इंडिया के कर्मचारियों के बोनस में पिछले दो साल के मुकाबले इस बार भी इजाफा देखने को मिला है।
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साल 2024 में यह राशि 93,750 रुपये थी।
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साल 2025 में इसे बढ़ाकर 1,03,000 रुपये किया गया था।
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अब 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,10,250 रुपये पर पहुंच गया है।
ठेका श्रमिकों के वेतन और कोयला उत्पादन पर चर्चा
बोनस के अलावा, एपेक्स जेसीसी की बैठक में ठेका श्रमिकों (contract workers) के वेतन भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कोल इंडिया जल्द ही अपनी अनुषंगी कंपनियों को नियमों के तहत ठेका श्रमिकों को समय पर वेतन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की तैयारी में है।
बैठक के दौरान प्रबंधन ने उत्पादन और कोयला डिस्पैच की मौजूदा स्थिति पर भी जानकारी साझा की। प्रबंधन के मुताबिक, बाजार में कोयले की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि मानसून के दौरान उत्पादन और आपूर्ति में कुछ दिक्कतें जरूर आई थीं, लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। वहीं, यूनियन के प्रतिनिधियों ने जेबीसीसीआई (JBCCI) के गठन में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रबंधन के सामने उठाया।
इस अहम वार्ता में चार प्रमुख श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें बीएमएस की ओर से के. लक्ष्मा रेड्डी, एचएमएस से हरभजन सिंह सिद्धू, सीटू से डीडी रामानंदन और एटक से लखनलाल महतो शामिल रहे। इस बार की बोनस वार्ता में राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन की भागीदारी नहीं हो सकी।

