क्या डीजल निर्यात पर बैन लगाएंगे ट्रंप? यूरोप से रिजर्व जारी करने की मांग

President Trump Holds Press Conference At The White House
साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

अमेरिका में गहराती डीजल की किल्लत और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अख्तियार करने का संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा है कि वह यूरोपीय देशों से उनके आपातकालीन डीजल भंडारों का एक हिस्सा जारी करने के लिए कह सकते हैं। इसके साथ ही, घरेलू स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी प्रशासन देश से डीजल के निर्यात पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।

‘अमेरिकी किसानों और कारोबारियों पर न पड़े बोझ’

राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों से ऐसे आपात भंडार तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें बाजार में जारी करने का आग्रह किया था।

वित्त मंत्री बेसेंट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ अमेरिकी किसानों, ट्रक चालकों और स्थानीय कारोबारियों की जेब पर नहीं डाला जा सकता। उनका मानना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए कड़े प्रशासनिक और व्यापारिक फैसले लेना जरूरी हो गया है।

ईरान संकट और मध्यावधि चुनावों का दबाव

डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी के पीछे मुख्य वजह ईरान में जारी युद्ध और संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आई तेजी है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) के मद्देनजर मुद्रास्फीति और ईंधन की कीमतें मतदाताओं के लिए सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं। सत्ताधारी दल किसी भी हाल में चुनावी समय में मतदाताओं में ईंधन के दामों को लेकर नाराजगी नहीं पनपने देना चाहता।

ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में हलचल

अमेरिका की इस चेतावनी का असर पश्चिमी देशों के कूटनीतिक हलकों में तुरंत देखने को मिला है। गुरुवार को ब्रिटेन ने अपने प्रमुख यूरोपीय साझेदारों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई कि यदि अमेरिका डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है, तो आपात स्थिति से निपटने के लिए किस तरह यूरोप के रणनीतिक भंडारों से डीजल बाजार में उतारा जाए।

वैश्विक बाजार पर पड़ेगा गहरा असर

अमेरिका वर्तमान में दुनिया भर में डीजल की आपूर्ति करने वाले सबसे प्रमुख देशों में शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका रोजाना 12 लाख से 15 लाख (1.2 से 1.5 मिलियन) बैरल डीजल का निर्यात करता है।

ऊर्जा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगर अमेरिका ने अपने डीजल निर्यात को रोका, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित होगी। इससे न केवल यूरोप बल्कि अन्य आयातक देशों में भी डीजल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का एक नया दौर शुरू होने का खतरा पैदा हो जाएगा।