पायलट की रिपोर्ट में क्या था? राजा वड़िंग के इस्तीफे से पंजाब कांग्रेस में हलचल

पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और आंतरिक खींचतान के बीच पार्टी हाईकमान ने बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग को पद से हटाने के फैसले से अवगत करा दिया था, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर नए पंजाब प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहे इस बदलाव को पार्टी के भीतर डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
अध्यक्ष पद की रेस में ये तीन नाम सबसे आगे
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पार्टी जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इस दौड़ में पूर्व मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। रेस में शामिल प्रमुख चेहरों का समीकरण कुछ इस प्रकार है:
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विजय इंदर सिंगला: हिंदू (अग्रवाल/बनिया) वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। मालवा क्षेत्र के शहरी हिंदू मतदाताओं में इनका खासा प्रभाव है। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिंगला को 1 जुलाई को ही चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था।
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परगट सिंह: पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जट सिख नेता हैं। पंजाब के प्रमुख सामाजिक-राजनीतिक वर्ग जट सिख समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
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सुखविंदर सिंह रंधावा: माझा क्षेत्र (मजीठा/गुरदासपुर) से आने वाले प्रभावशाली जट सिख नेता हैं। वर्तमान में वह सांसद होने के साथ-साथ राजस्थान के प्रभारी भी हैं।
क्या है बदलाव की ‘इनसाइड स्टोरी’?
पंजाब कांग्रेस में राजा वडिंग की कार्यशैली को लेकर विरोधी खेमे में लंबे समय से नाराजगी थी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखविंदर रंधावा का गुट लगातार वडिंग को हटाने की मांग कर रहा था। यह अंदरूनी कलह कई बार सार्वजनिक मंचों पर भी उजागर हुई।
हालात बेकाबू होते देख कांग्रेस नेतृत्व ने सबसे पहले पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल को हटाकर यह जिम्मेदारी सचिन पायलट को सौंपी।
सचिन पायलट की ‘सीक्रेट रिपोर्ट’ और हाईकमान का फैसला
प्रभारी बनने के बाद सचिन पायलट ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक पार्टी के सभी बड़े नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर ग्राउंड फीडबैक लिया। कांग्रेस के उच्च सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी, जिसमें वडिंग की कार्यशैली और पार्टी में बढ़ती खेमेबाजी का स्पष्ट जिक्र था।
रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि आपसी लड़ाई और गतिरोध के कारण पार्टी को राज्य में भारी नुकसान हो रहा है। इस फीडबैक के बाद ही कांग्रेस नेतृत्व ने 2027 के चुनावों से पहले पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन को हरी झंडी दे दी।

