अकेले क्यों? सब साथ आएं, ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग पर बोले सोनम वांगचुक

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। यूट्यूब चैनल ‘द देशभक्त’ पर बातचीत के दौरान वांगचुक ने सीजेपी के इस आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर खुलकर अपनी राय रखी। इसके साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में विपक्षी दलों की भागीदारी को लेकर भी अहम संदेश दिया।

‘कोई अकेला क्यों करे, नैतिक बल है तो सब मिलकर आएं’

इंटरव्यू के दौरान जब सोनम वांगचुक से सवाल किया गया कि क्या सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अकेले ही ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ले लेंगे, तो उन्होंने इस सोच पर ही सवाल खड़ा किया।

वांगचुक ने कहा, “यह तो सवाल ही नहीं होना चाहिए कि कोई अकेला करे। कोई अकेला क्यों करे? अगर आपके अंदर नैतिक बल है तो सभी को मिलकर करना चाहिए। यह सवाल नहीं होना चाहिए कि कौन आए और कौन नहीं। मेरे खयाल से जब भी कुछ गलत हो तो सही सोच वालों को साथ आकर सफाई करनी चाहिए।”

विपक्ष के चुनाव में हिस्सा लेने पर वांगचुक की दो-टूक राय

चुनाव प्रक्रिया में विपक्षी दलों के शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर सोनम वांगचुक ने संतुलित लेकिन स्पष्ट दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले चुनावी प्रक्रिया से जुड़े संशयों को दूर करना चाहिए।

वांगचुक ने कहा, “मैं तो यह कहूंगा कि विपक्ष अभी जो कर रहा है, वही करे। पहले वह स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करे और फिर चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले।” उन्होंने आगे कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि विपक्ष चुनाव में हिस्सा ही न ले, लेकिन वह यह भी नहीं कहेंगे कि बिना सब कुछ साफ किए विपक्ष सीधे चुनाव में कूद पड़े। उनका मानना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित होना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।