सुरक्षा हटे तो भीगी बिल्ली बन जाएंगे, SC की टिप्पणी पर योगी का पलटवार

cm yogi

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी और अखिलेश यादव के हमलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस बल का बचाव किया है। गुरुवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक सम्मान समारोह में सीएम योगी ने दो-टूक लहजे में कहा कि बंद कमरे में बैठकर टिप्पणी करना आसान है, लेकिन बिना सुरक्षा के बड़े से बड़े लोग भीगी बिल्ली बन जाते हैं।

‘बंद चैंबर में टिप्पणी करना आसान’

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए मौखिक टिप्पणी की थी कि ‘ऐसी पुलिस को भंग कर देना चाहिए’। इसके बाद अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा था।

इन टिप्पणियों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने बिना किसी का नाम लिए कहा, “बंद चैंबर में बैठकर चिंतन करना और टिप्पणी करना अलग विषय है। हम चिंतन तभी सुखद रूप से कर सकते हैं जब बाहर सुरक्षा का माहौल हो। सुरक्षा के बिना हर व्यक्ति बेबस है। कोई भी व्यक्ति खुद को कितना भी बड़ा क्यों न समझता हो, अगर उसे सुरक्षा से बाहर कर दिया जाए, तो उसे भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगती।”

विपक्ष पर साधा निशाना: ‘2017 से पहले माफिया के सामने रगड़ते थे नाक’

सीएम योगी ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यदि पॉलिटिकल लीडरशिप की रीढ़ ही टेढ़ी हो, तो वह कानून-व्यवस्था की स्थिति को कैसे सीधा कर सकती थी। 2017 से पहले यूपी में यही स्थिति थी, जब सत्ता में बैठे लोग माफिया और अपराधियों के सामने नाक रगड़ते थे। लेकिन आज यूपी पुलिस की अलग पहचान है।”

क्यों हुई थी सुप्रीम कोर्ट में तल्ख टिप्पणी?

यह पूरा सियासी बवाल बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई से जुड़ा है। एक मामले में यूपी पुलिस ने FIR में आरोपी का नाम खाली छोड़ दिया था और बाद में मनमर्जी से नाम जोड़ दिया। इस लापरवाही पर सर्वोच्च अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि यह खिलवाड़ बंद होना चाहिए और ऐसी लापरवाही को देखते हुए तो यूपी पुलिस को भंग ही कर देना चाहिए।

पूर्व पुलिस अधिकारी प्रकाश सिंह की पुस्तक का विमोचन

इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने पद्मश्री से सम्मानित पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया। सीएम ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जब यूपी का तराई बेल्ट आतंकवाद की चपेट में था, तब प्रकाश सिंह जैसे अधिकारियों ने कड़े फैसले लेकर शांति बहाल की। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह का अनुभव देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ी धरोहर है।