उज्जैन मस्जिद विवाद के बाद दुकानें बंद और कारोबार को कितना नुकसान ?

मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के दो दिन बाद भी शहर के हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। कई प्रमुख व्यापारिक इलाके बंद पड़े हैं और पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
10 करोड़ का कारोबार प्रभावित, 250 से ज्यादा दुकानें बंद
मस्जिद विवाद के चलते छत्री चौक और आसपास के इलाकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में 250 से अधिक दुकानें पिछले दो दिनों से नहीं खुली हैं। लगातार बंदी के कारण अब तक करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। व्यापारी इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि स्थिति कब तक सामान्य होगी और बाजार पूरी तरह से कब खुलेंगे।
इन इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात
प्रशासन ने शहर के कई संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर रखी है।
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छत्री चौक
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लखेरवाड़ी
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सराफा
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कालिदास स्कूल के आसपास का क्षेत्र
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गोपाल मंदिर
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ढाबा रोड
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खड़े हनुमान
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सती गेट से कंठाल तक
इन इलाकों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है, जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है और लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
9 आरोपियों का हुआ मेडिकल परीक्षण
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, बुधवार को शाही मस्जिद के पास हुई झड़प और पथराव के मामले में गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल के मेडिकल अधिकारी डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी नौ आरोपियों की स्थिति सामान्य पाई गई है और किसी के शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं हैं।
क्यों और कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद 28 सितंबर 2026 को तब शुरू हुआ जब सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती भी करनी पड़ी थी।
शहर में 2500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2500 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा खुद घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। पूरे उज्जैन में अलर्ट जारी है। मस्जिद परिसर के आसपास लोहे के बैरिकेड्स से सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है और पुलिस लगातार फ्लैग मार्च व घुड़सवार गश्त कर रही है।
समझौते के बाद आगे बढ़ी कार्रवाई
उज्जैन के जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जानकारी दी थी कि शाही मस्जिद समिति सड़क चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने पर सहमत हो गई है। इसी बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर दायर याचिका का भी निपटारा हो गया।
समझौते के अनुसार:
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मस्जिद का करीब तीन फीट हिस्सा हटाया जाएगा।
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प्रशासन प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।
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निर्धारित नियमों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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मस्जिद परिसर के भीतर मीनार को स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी प्रशासन करेगा।

