कनाडा ने Uganda, Congo और South Sudan पर बढ़ाई Ebola पाबंदी

इबोला बुंदीबुग्यो (Ebola Bundibugyo) के लगातार बने हुए खतरे को देखते हुए कनाडा ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और उसके पड़ोसी देशों से आने वाले यात्रियों पर लगी अस्थायी इमिग्रेशन और सीमा पाबंदियों को 60 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। 28 सितंबर को जारी एक आधिकारिक सरकारी बयान के अनुसार, मई में लागू की गई ये पाबंदियां अब 27 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी।
कनाडा सरकार ने कहा है कि वह कांगो में चल रहे आउटब्रेक और युगांडा तथा दक्षिण सूडान सहित पड़ोसी देशों में इबोला फैलने के जोखिम को लेकर चिंतित है।
वीजा और यात्रा पर क्या होगा असर?
कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिजनशिप (IRCC) विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाई या वेरी हाई रिस्क वाले देशों (कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान) के निवासियों के लिए इमिग्रेशन दस्तावेजों का निलंबन जारी रहेगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि आवेदन के समय जिन लोगों का निवास स्थान इन तीन देशों में से कोई एक था, वे फिलहाल कनाडा की यात्रा नहीं कर सकेंगे।
यह रोक उन यात्रियों पर भी लागू होगी जिनके पास पहले से स्वीकृत वीजा, परमिट या इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) मौजूद है। साथ ही, इन देशों से होकर (ट्रांजिट) कनाडा जाने वाले यात्रियों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, IRCC ने कहा है कि वह प्रभावित आवेदनों की प्रोसेसिंग जारी रखेगा, लेकिन पाबंदियां हटने तक किसी भी आवेदन को फाइनल मंजूरी नहीं दी जाएगी।
युगांडा इबोला मुक्त, फिर भी पाबंदी बरकरार
कनाडा का यह फैसला युगांडा के लिए झटके की तरह है, क्योंकि देश को एक महीने पहले ही इबोला मुक्त घोषित किया जा चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अफ्रीका सीडीसी ने 27 अगस्त को युगांडा में इबोला आउटब्रेक खत्म होने का आधिकारिक ऐलान किया था। देश के आखिरी मरीज को 16 जुलाई को डिस्चार्ज किया गया था और अनिवार्य 42 दिनों की निगरानी अवधि में संक्रमण का कोई नया केस सामने नहीं आया।
युगांडा में कुल 20 मामले सामने आए थे, जिनमें से 15 कांगो से आए लोगों में पाए गए और केवल पांच संक्रमण स्थानीय स्तर पर हुए। इस बीमारी से देश में दो लोगों की मौत हुई थी। युगांडा के अधिकारियों ने कांगो के साथ ट्रैवल बैन की श्रेणी में रखे जाने का विरोध किया है। उनका तर्क है कि उनके यहां अधिकांश मामले आयातित (imported) थे और संक्रमण को समुदाय में फैलने से पहले ही रोक लिया गया था।
कांगो में स्थिति गंभीर
युगांडा के विपरीत डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला का कहर जारी है। WHO के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अगस्त तक कांगो में 5,794 कंफर्म केस सामने आ चुके हैं और 2,786 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आउटब्रेक छह प्रांतों के 60 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुका है। WHO ने चेतावनी दी है कि पड़ोसी कांगो में संक्रमण के प्रसार और सीमाओं पर आवाजाही के कारण युगांडा में भी इस वायरस के दोबारा लौटने का खतरा बना हुआ है।
पाबंदियों पर उठ रहे सवाल
कनाडा की इन ट्रैवल पाबंदियों की सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और मानवाधिकार पैरोकारों ने आलोचना भी की है। उनका तर्क है कि एकतरफा ट्रैवल बैन के गंभीर आर्थिक और सामाजिक परिणाम होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जरूरी नहीं कि ये पाबंदियां हर देश की वास्तविक महामारी विज्ञान (epidemiological) स्थिति को दर्शाती हों।
WHO ने भी सदस्य देशों को सलाह दी है कि कोई भी कदम अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही उठाए जाने चाहिए। वहीं, कांगो में सक्रिय आउटब्रेक को देखते हुए युगांडा ने अपनी सीमाओं पर सर्विलांस बढ़ा दिया है।

