टोरो के नए राजा एडवर्ड रुकिडी नाइबोंगो I? हुआ ऐतिहासिक राज्याभिषेक

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

प्रिंस एडवर्ड रुकिडी नाइबोंगो I (Prince Edward Rukidi Nyabongo I) को टोरो के नए ओमुकामा (राजा) के रूप में स्थापित किया गया है। फोर्ट पोर्टल सिटी स्थित कारुजिका पैलेस में रात भर चली कई पारंपरिक रस्मों के बाद उनका राज्याभिषेक संपन्न हुआ। इन रस्मों ने दिवंगत ओमुकामा ओयो न्यिम्बा काबाम्बा इगुरू रुकिडी IV के शासनकाल से नए राजा के शासन में बदलाव को चिह्नित किया है।

आधी रात को शुरू हुआ तीन किलोमीटर का सफर

सोमवार रात 11 बजे रवेंगोमा पैलेस से एक भव्य जुलूस के साथ इन पारंपरिक रस्मों की शुरुआत हुई। नाइबोंगो और उनके हजारों प्रजाजनों ने फोर्ट पोर्टल सिटी से कारुजिका पैलेस तक लगभग तीन किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। सरकंडे से बने पारंपरिक दीयों की रोशनी के बीच लोगों ने नए राजा के समर्थन में जयकारे लगाए।

राजशाही प्रोटोकॉल अधिकारियों के मुताबिक, रात भर चले इस जुलूस में महिलाओं के शामिल होने पर रोक थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पाबंदी सिर्फ रात की पदयात्रा के लिए थी। महिलाओं को मंगलवार की चर्च प्रार्थना और सार्वजनिक राज्याभिषेक समारोह में शामिल होने की अनुमति दी गई।

राजमहल के द्वार पर ‘मॉक बैटल’

यह जुलूस तड़के करीब 3 बजे कारुजिका पैलेस पहुंचा। यहां राजमहल के मुख्य द्वार ‘मुगबांटे’ पर नाइबोंगो को एक पारंपरिक ‘मॉक बैटल’ (दिखावटी युद्ध) का सामना करना पड़ा। इस रस्म में नाइबोंगो के समूह ने मुसूगा चार्ल्स कमुरासी के नेतृत्व वाली सेना के साथ प्रतीकात्मक लड़ाई लड़ी, जो नए राजा द्वारा शाही गद्दी पर अधिकार जताने का प्रतीक है। इस लड़ाई में एक बैल से मुकाबला भी शामिल था, जिसे अंततः काबू कर मार दिया गया। नाइबोंगो इस लड़ाई में विजयी हुए और इसके साथ ही उनके राजमहल में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया।

राजमहल के अंदर हुईं निजी रस्में

मॉक बैटल जीतने के बाद जुलूस में शामिल आम लोग मुगबांटे पर ही रुक गए, जबकि नाइबोंगो और शाही परिवार के सदस्य आगे की निजी रस्मों के लिए महल के अंदर चले गए।

कारुजिका पैलेस के अंदर पुजारियों ने नाइबोंगो को मुख्य शाही ड्रम ‘बुत्वराने’ (Butwarane) सहित शाही ढोल भेंट किए। इस ड्रम को नौ बार बजाया गया। ड्रम की आवाज सुनते ही महल के बाहर जमा हजारों लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। इसके बाद मुसूगा और अन्य पुजारियों ने महल के अंदर कुछ और रस्में पूरी कीं और नाइबोंगो को शाही सिंहासन पर बिठाया। उन्हें पारंपरिक स्थापना के हिस्से के रूप में भाला और ढाल सहित शाही प्रतीक चिह्न भी सौंपे गए।

सीधे किए गए शाही प्रतीक

रात भर चली इन रस्मों के दौरान शाही प्रतीकों, जिनमें भाले और ड्रम शामिल थे, को वापस उनकी सीधी स्थिति में रखा गया। दिवंगत ओमुकामा ओयो के निधन के बाद शोक स्वरूप इन सभी शाही प्रतीकों को उल्टा कर दिया गया था।