पोप लियो XIV का फ्रांस दौरा शुरू, मैक्रों से मुलाकात के बाद लूर्डेस जाएंगे

रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो 14वें चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर शुक्रवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचे। इस दौरे का मुख्य ध्येय ‘दैट द वर्ल्ड मे हैव लाइफ’ (ताकि संसार जीवन पा सके) रखा गया है। ‘वैटिकन न्यूज’ के अनुसार, यह संदेश दुनिया भर में शांति, मेल-मिलाप और भाईचारे को बढ़ावा देने तथा आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का आह्वान करता है। इस पूरे दौरे का मुख्य फोकस यूरोप, शांति और एकता पर केंद्रित है।
पोप के आगमन को देखते हुए पेरिस में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। राजधानी में पुलिस, जेंडarmes (सशस्त्र सुरक्षा बल) और सेना के करीब 14,000 जवानों के साथ-साथ 2,500 दमकलकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा कारणों से शहर के 20 से अधिक मेट्रो और कम्यूटर ट्रेन स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जबकि मध्य पेरिस की कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
पहले दिन का कार्यक्रम: मैक्रों से वार्ता, यूनेस्को में भाषण और नोट्रे-डेम में प्रार्थना
शुक्रवार सुबह 10 बजे (CET) पेरिस पहुंचे पोप लियो 14वें के स्वागत में औपचारिक समारोह का आयोजन किया गया। इसके बाद उन्होंने एलिसी पैलेस (Élysée Palace) जाकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। राष्ट्रपति से द्विपक्षीय बातचीत के बाद पोप नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, अधिकारियों और राजनयिक कोर से भी मिले।
दोपहर में पोप यूनेस्को (UNESCO) के मुख्यालय को संबोधित करेंगे। वर्ष 2025 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका को संगठन से अलग किए जाने के बाद यूनेस्को को भारी बजटीय संकट का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते पोप का यह संबोधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम माना जा रहा है।
शाम को वह ऐतिहासिक नोट्रे-डेम कैथेड्रल में पारंपरिक सांध्य प्रार्थना (Vespers) में शामिल होकर उपदेश देंगे। दिन के अंत में पेरिस के उत्तर में स्थित सेंट-डेनी के ‘स्टेड डी फ्रांस’ स्टेडियम में युवाओं के साथ एक विशेष प्रार्थना सभा (Vigil) आयोजित की जाएगी।
शनिवार को प्लेस डी ला कॉनकॉर्ड पर विशाल मास और लूर्डेस प्रस्थान
शनिवार (26 सितंबर) को पोप लियो 14वें पेरिस स्थित मेसन बखीता सेंटर (Maison Bakhita Centre) का दौरा करेंगे। यह केंद्र निर्वासित और विस्थापित लोगों को सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए काम करता है, जिसे 2021 में पूर्व पोप फ्रांसिस के उस आह्वान के तहत शुरू किया गया था जिसमें उन्होंने प्रवासियों की सुरक्षा, स्वागत और उनके एकीकरण को सभ्यता का कर्तव्य बताया था।
इसके बाद ‘इंस्टीट्यूट कैथोलिक डी पेरिस’ में एक सभा के उपरांत पोप पेरिस के ऐतिहासिक प्लेस डी ला कॉनकॉर्ड (Place de la Concorde) पर एक विशाल धार्मिक सभा (Mass) का नेतृत्व करेंगे। इस प्रार्थना सभा के लिए 5 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है, और प्रसिद्ध शैम्प्स-एलिसी एवेन्यू तक भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
शनिवार शाम को पोप हवाई मार्ग से लूर्डेस (Lourdes) पहुंचेंगे और ‘अवर लेडी ऑफ लूर्डेस’ तीर्थस्थल पर मस्साबीले की गुफा (Grotto of the Apparitions) में प्रार्थना करेंगे।
लूर्डेस में पादरियों द्वारा यौन शोषण के पीड़ितों से मुलाकात
रविवार (27 सितंबर) को लूर्डेस में धार्मिक कार्यक्रमों के बीच पोप का रुख एक बेहद संवेदनशील विषय पर रहेगा। वह फ्रांसीसी पादरियों द्वारा किए गए यौन शोषण (Clergy Sexual Abuse) के सात पीड़ितों से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे।
फ्रांस में चर्च की साख पादरियों से जुड़े कई गंभीर मामलों के सामने आने के बाद प्रभावित हुई है। 2021 की एक आधिकारिक जांच में सामने आया था कि 70 वर्षों की अवधि के दौरान चर्च के पादरियों या सदस्यों ने करीब 3,30,000 नाबालिगों का शोषण किया था। इसके अलावा चैरिटी आइकन आबे पियरे और दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के बोर्डिंग स्कूल नोट्रे-डेम डी बेथार्रम से जुड़े मामलों ने भी चर्च की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए थे।
रविवार को लूर्डेस में फ्रेंच एपिस्कोपल कॉन्फ्रेंस के बिशपों से संवाद, तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य केंद्र ‘अकेल नोट्रे डेम’ में मरीजों से भेंट और कार्मेलाइट कॉन्वेंट की ननों के साथ निजी बैठक के बाद रात में मशाल जुलूस (Torchlight Rosary procession) निकाला जाएगा।
मेट्ज़ में शांति सम्मेलन के साथ सोमवार को समापन
दौरे के अंतिम दिन यानी सोमवार (28 सितंबर) को पोप लियो 14वें मेट्ज़ (Metz) शहर का रुख करेंगे। वहां वह रॉबर्ट शूमन कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित “शांति और एकता के लिए यूरोप की जड़ों की ओर” (To the Roots of Europe for Peace and Unity) विषय पर आयोजित बैठक में भाग लेंगे।
दौरे का समापन सेंट स्टीफन कैथेड्रल में आयोजित विशेष प्रार्थना (Mass) के साथ होगा। इसके बाद सोमवार रात 7 बजे वह फ्रांस से अपनी वापसी की उड़ान भरेंगे।

