मुंबई की जौबा वाड़ी चॉल की जगह बनेगा लग्जरी टावर, जानें प्रोजेक्ट की डिटेल

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भोजराज नावानी
भोजराज नावानी

मुंबई की पहचान में वहां के चॉल कल्चर (Chawl Culture) का एक अहम हिस्सा है। अब मुंबई की मशहूर चॉलों में से एक, ठाकुरद्वार स्थित ‘जौबा वाड़ी चॉल’ (Zaoba Wadi Chawl) का जल्द ही पूरी तरह से कायाकल्प होने वाला है। यह चॉल एक बड़े रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत आ गई है, जिसके तहत इसकी जगह पर एक शानदार लग्जीरियस टावर का निर्माण किया जाएगा।

करीब 15 सालों से अटके इस बड़े प्लान के तहत यहां 325 मीटर ऊंचा एक लग्जरी रेसिडेंशियल टावर बनाया जाएगा। इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को गोदरेज प्रॉपर्टीज़ (Godrej Properties), मैन इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड (MICL) और श्रीपति ग्रुप मिलकर पूरा करेंगे।

प्रोजेक्ट से 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के रेवेन्यू की उम्मीद

यह रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट मरीन लाइन्स के ठाकुरद्वार इलाके में स्थित करीब 2.5 एकड़ की प्राइम लोकेशन जमीन पर बन रहा है। रियल एस्टेट कंपनी MICL ने पुष्टि की है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी-भरकम रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक:

  • लग्जरी फ्लैट्स: इस टावर में 4 और 5 बेडरूम (BHK) वाले अल्ट्रा-लग्जरी फ्लैट बनाए जाएंगे।

  • बिक्री योग्य क्षेत्र: पूरे 2.5 एकड़ एरिया में से लगभग 6 लाख स्क्वायर फीट कारपेट एरिया बिक्री (Saleable) के लिए उपलब्ध होगा।

  • पुनर्वास क्षेत्र (Rehabilitation Area): प्रोजेक्ट का 13 लाख स्क्वायर फीट एरिया रिहैबिलिटेशन के लिए रिजर्व होगा, जहां जौबा वाड़ी चॉल के पुराने और मूल निवासी बसाए जाएंगे।

फंड्स की कमी के कारण 15 साल से अटका था प्रोजेक्ट

जौबा वाड़ी चॉल के रिडेवलपमेंट की कहानी साल 2011 में शुरू हुई थी, जब श्रीपति ग्रुप ने इसके डेवलपमेंट राइट्स हासिल किए थे। हालांकि, फंड्स की भारी कमी और अन्य कारणों से यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया था।

करीब 15 साल बाद, साल 2024 की शुरुआत में MICL के डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर इसमें शामिल होने के लिए बातचीत शुरू हुई। MICL ने ‘एसेट-लाइट मॉडल’ के तहत कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट और मार्केटिंग की जिम्मेदारी उठाई। इसके बाद, साल 2025 में MICL ने इस प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक रूप से पार्टनरशिप की। मौजूदा समय में कंपनी चॉल में पहले से रहने वाले निवासियों से डेवलपमेंट अधिकार (Development Rights) लेने की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रही है।