India vs Japan: रोमांचक जीत के बाद बोले अय्यर, पिच ने बढ़ाई मुश्किल

मंगलवार (22 सितंबर) को भारत और जापान के बीच खेला गया इकलौता ऐतिहासिक टी20 मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। सानो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान (Sano International Cricket Ground) पर बारिश के कारण इस मैच को सिर्फ 5-5 ओवर का कर दिया गया था। माना जा रहा था कि टीम इंडिया के बल्लेबाज आसानी से बड़ा स्कोर खड़ा कर एकतरफा जीत दर्ज करेंगे, लेकिन नजारा इसके बिल्कुल उलट था। भारतीय टीम को हारते-हारते महज 2 रन से जीत नसीब हुई, जिसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने राहत की सांस ली।
मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कप्तान श्रेयस अय्यर ने सानो की पिच और अपनी रणनीति को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने माना कि बल्लेबाजों के लिए यह पिच बेहद चुनौतीपूर्ण थी।
‘पिच पर स्पिन और गति समझना मुश्किल था’
प्रेजेंटेटर द्वारा पिच की मुश्किलों के बारे में पूछे जाने पर श्रेयस अय्यर ने कहा, “हां, पिच पर जाहिर तौर पर स्पिन हो रही थी। सच कहूं तो, इस पिच पर बल्लेबाजी करना बहुत मुश्किल था। हमने देखा कि जो ओपनर्स लगातार रन बनाते हैं, वे भी स्पिन और गेंद की गति को ठीक से समझ नहीं पा रहे थे।”
सिंगल-डबल से स्ट्राइक रोटेट करने का था प्लान
शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को संघर्ष करता देख अय्यर ने क्रीज पर संभलकर खेलने का फैसला किया। अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा: “जब मैं क्रीज पर आया, तो मैंने तय किया कि सिंगल और डबल लेकर स्ट्राइक रोटेट करना बहुत जरूरी है। जो बल्लेबाज मेरे साथ आया था, उससे भी मैंने यही बात की, लेकिन यह करना आसान नहीं था। मैंने फैसला किया कि मैं गेंद के हिसाब से ही खेलूंगा और अपनी योजना उसी अनुसार बनाऊंगा।”
अय्यर ने अपनी तकनीक के बारे में बताते हुए कहा, “मैंने तय किया था कि अगर गेंद टर्न हो रही है और रुक कर आ रही है, तो मैं गेंद की गति का ही फायदा उठाऊंगा। क्रीज की गहराई का इस्तेमाल (पीछे रहकर) करूंगा और सिंगल-डबल लेने की कोशिश करूंगा। इस रणनीति ने हमारे लिए अच्छा काम किया।”
जापानी टीम के अप्रोच की जमकर तारीफ की
जापान जैसी उभरती हुई टीम के खिलाफ इस कांटे की टक्कर वाले मुकाबले के बाद अय्यर ने विपक्षी टीम की भी जमकर तारीफ की। हालात (Conditions) का जायजा लेते हुए उन्होंने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि 5 ओवर के गेम में कुछ भी हो सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी टीम कागज पर कितनी अच्छी है, क्योंकि सामने वाली टीम भी मजबूती से पलटवार कर सकती है। आज जापानी टीम ने जो रवैया (Attitude) और अप्रोच दिखाया, वह वाकई शानदार था। उनकी तारीफ होनी चाहिए, उनके खेलने का तरीका बहुत बढ़िया था।”
