जोधपुर में पहली बार सैन्य अभ्यास करेगा अमेरिकी स्टील्थ फाइटर

अमेरिका का सबसे एडवांस स्टील्थ फाइटर जेट F-35 पहली बार किसी युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहा है। यह लड़ाकू विमान जोधपुर में 26 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच आयोजित होने वाली मल्टीनेशन एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति’ (Tarang Shakti) में अपनी ताकत दिखाएगा। इस बड़े युद्धाभ्यास में दुनिया भर के 40 देशों की वायुसेनाएं हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रही हैं, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के 6 F-35 विमानों का बेड़ा प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगा।
40 देशों की वायुसेनाएं और प्रमुख लड़ाकू विमान
इस ऐतिहासिक ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में कई देशों के फ्रंटलाइन एयरक्राफ्ट और ट्रांसपोर्ट विमान एक साथ आसमान में अपनी युद्ध क्षमता का प्रदर्शन करेंगे:
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अमेरिका: 06 F-35 स्टील्थ फाइटर जेट और 02 KC-135 रिफ्यूलर।
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फ्रांस: 07 रफाल फाइटर जेट, 02 MRTT और 03 A-400 ट्रांसपोर्ट विमान।
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यूएई: 06 F-16 और 01 ग्लोबल 6000।
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जर्मनी: 02 A-400 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट।
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बांग्लादेश: 01 C-130J सुपर हरक्यूलिस।
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श्रीलंका: 01 किंग एयर 350।
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ऑस्ट्रेलिया: 01 C-130 हरक्यूलिस।
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भारत: वायुसेना के सभी प्रमुख लड़ाकू विमान, जिनमें सुखोई (Su-30MKI) और रफाल शामिल हैं।
अमेरिका की नजर डील पर, भारत कर रहा Su-57 पर विचार
युद्धाभ्यास के दौरान रक्षा विशेषज्ञों और भारतीय वायुसेना की सबसे ज्यादा नजर अमेरिका के F-35 पर ही टिकी होगी। अमेरिका लंबे समय से इस 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट को भारत को बेचना चाहता है। वर्तमान में इसे दुनिया का सबसे उन्नत और घातक लड़ाकू विमान माना जाता है।
हालांकि, भारत इसके विकल्प के तौर पर रूस के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान SU-57 को खरीदने की योजना पर भी विचार कर रहा है। ऐसे में यह युद्धाभ्यास अमेरिका के लिए एक बड़ा अवसर है, जहां F-35 के प्रदर्शन को देखकर भारत सरकार इसे खरीदने के विकल्पों पर पुनर्विचार कर सकती है।
क्या हैं 5वीं पीढ़ी के F-35 की खासियतें?
भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 4थी या 4.5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान मौजूद हैं, जबकि F-35 एक पूरी तरह से 5वीं पीढ़ी (5th Generation) का स्टील्थ फाइटर जेट है।
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निर्माता: इस एडवांस विमान का निर्माण अमेरिका की प्रसिद्ध रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी ‘लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन’ ने किया है।
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स्टील्थ तकनीक: इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टील्थ (रडार की पकड़ में न आने वाली) तकनीक है, जो इसे दुश्मन के इलाके में छिपकर हमला करने में सक्षम बनाती है।
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सेंसर फ्यूजन: यह जेट सेंसर फ्यूजन और नेटवर्क-बेस्ड वॉरफेयर पर काम करता है। इसके सेंसर विमान के चारों ओर का डेटा इकट्ठा करके पायलट की स्क्रीन पर एक सटीक टैक्टिकल पिक्चर पेश करते हैं।
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नेटवर्क शेयरिंग: यह विमान अपने पास मौजूद खुफिया जानकारी और डेटा को युद्ध के मैदान में मौजूद दूसरे प्लेटफॉर्म (अन्य विमानों या बेस) के साथ तुरंत शेयर कर सकता है, जिससे यह एक कमांड सेंटर की तरह भी काम करता है।
