विधायक पूजा पाल के साथ 1.55 लाख का साइबर फ्रॉड: PhonePe से उड़े पैसे

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) का शिकार हो गई हैं। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते में सेंध लगाकर फोनपे (PhonePe) के माध्यम से 1.55 लाख रुपये की अनाधिकृत निकासी कर ली। इस मामले को लेकर विधायक ने प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लिखित तहरीर देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।
यूनियन बैंक खाते से 1.55 लाख रुपये की अवैध निकासी
धूमनगंज थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, पूजा पाल का खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में है।
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उनके खाते से 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 के बीच फोनपे के माध्यम से किस्तों में लगभग 1,55,000 रुपये अनाधिकृत रूप से ट्रांसफर किए गए।
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विधायक ने अपनी शिकायत में यह गंभीर आशंका जताई है कि अज्ञात हैकरों ने उनके iPhone 17 को हैक कर इस घटना को अंजाम दिया है।
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धूमनगंज पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विधायक की तहरीर के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66D के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
निजी डेटा लीक होने का खतरा, साइबर सेल को जांच के आदेश
विधायक पूजा पाल ने पुलिस से सभी संदिग्ध यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन की फॉरेंसिक व तकनीकी जांच करने और निकाली गई पूरी रकम को रिकवर कराने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने फोन हैक होने की वजह से अपने निजी और संवेदनशील डेटा के लीक होने की भी गहरी चिंता जताई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है:
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साइबर क्राइम थाने को मोबाइल फोन, फोनपे ऐप, संबंधित यूपीआई आईडी और बैंकिंग सिस्टम की गहन तकनीकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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साइबर सेल इस पहलू की जांच कर रही है कि बिना ओटीपी (OTP) या पिन शेयर किए खाते से रकम कैसे ट्रांसफर हुई और इस सिंडिकेट के पीछे किन लोगों का हाथ है।
राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
पूजा पाल उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं।
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वह 2022 में समाजवादी पार्टी (SP) के टिकट पर कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक चुनी गई थीं।
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राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने क्रॉस वोटिंग करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था, जिसके बाद उन्होंने सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया।
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इससे पूर्व वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) के टिकट पर भी प्रयागराज शहर पश्चिमी सीट से विधायक रह चुकी हैं।
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पूजा पाल के पति और तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की वर्ष 2005 में माफिया अतीक अहमद गिरोह द्वारा दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पूजा पाल ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था।
