अखिलेश के अयोध्या दौरे पर राजभर की चुटकीे- बड़े भैया को भी साथ ले जाइए

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आगामी अयोध्या दौरे को लेकर तीखा तंज कसा है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अखिलेश यादव से मांग की है कि जब वे रामलला के दर्शन करने जाएं, तो अपने ‘दिल्ली वाले बड़के भैया’ (इशारा राहुल गांधी की ओर) को भी साथ लेकर जाएं और पुरानी गलतियों के लिए प्रायश्चित करें।

‘बड़के भैया से कहें, श्रीराम काल्पनिक नहीं हैं’

ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने रुख को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, “अखिलेश अपने ‘दिल्ली वाले बड़के भैया’ को भी अयोध्या लेकर जाएं, जिनकी मां और पार्टी ने प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताया था। उनसे कहें कि अयोध्या जाकर अपनी आंखों से देखें कि प्रभु श्रीराम कोई कल्पना नहीं हैं।”

राजभर ने आगे लिखा कि कांग्रेस को यह मानना चाहिए कि अयोध्या रामलला की जन्मभूमि है और विदेशी आक्रांताओं ने वहां मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई थी। उन्होंने अखिलेश को सलाह दी कि वे अपने बड़े भाई से कहें कि कांग्रेस की ऐतिहासिक गलतियों का बोझ अब और नहीं ढोएंगे और रामलला के सामने सिर झुकाकर अपने पूर्वजों की गलतियों का प्रायश्चित करें।

“कारसेवकों की आत्माओं से भी मांगें क्षमा”

राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब वे रामलला के दर्शन करने जाएं, तो उन पूज्य कारसेवकों की आत्माओं से भी क्षमा जरूर मांगें, जिन पर पिछली सपा सरकार के दौरान गोलियां चलवाई गई थीं।

मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अखिलेश ने बहुत टोपी पहन ली और मुसलमानों को भी बहुत ‘टोपी’ पहना ली। आखिर में प्रभु श्रीराम की शरण में ही आना था, तो इतनी देर क्यों कर दी?” हालांकि, राजभर ने अखिलेश के रामलला के दर्शन करने के फैसले को स्वागतयोग्य बताया और कहा कि शायद अयोध्या की पावन धरती पर पहुंचकर उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर कुछ सत्य दिखाई दे।

“अगले दीपोत्सव में खुद आएं अयोध्या”

कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव को दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सपा समर्थकों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “जो लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि यह अयोध्या का आखिरी दीपोत्सव था, वे मोटे अक्षरों में नोट कर लें कि अगले वर्ष फिर भव्य और दिव्य दीपोत्सव होगा। लाखों दीप फिर जलेंगे और अयोध्या फिर जगमगाएगी।”

राजभर ने अखिलेश को दीपोत्सव का वीडियो देखने की सलाह देते हुए कहा कि राम की पैड़ी पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। उन्होंने कहा, “इस जनसैलाब को सिर्फ भीड़ न समझें, बल्कि लोगों की आस्था और ‘लोक’ की भावना को समझें। राम को समझना है तो पहले ‘लोक’ को समझिए।” उन्होंने अखिलेश को निमंत्रण दिया कि वे इस बार वीडियो देखें और अगले दीपोत्सव में खुद अयोध्या आकर राम की पैड़ी पर खड़े होकर इस ‘लोक’ को महसूस करें।