भट्टी नेटवर्क आतंकी संगठन घोषित, UAPA के तहत केंद्र का बड़ा एक्शन

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में सीधे तौर पर शामिल रहा है।

मंत्रालय के मुताबिक, इस सिंडिकेट का मुख्य काम युवाओं और स्थानीय छोटे अपराधियों को लालच देकर आतंक की राह पर धकेलना और देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालना था।

UAPA की पहली अनुसूची में 46वें नंबर पर दर्ज

केंद्र सरकार ने UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शहजाद भट्टी नेटवर्क पर यह पाबंदी लगाई है। जारी अधिसूचना के अनुसार, इस संगठन को UAPA कानून की पहली अनुसूची (First Schedule) में क्रम संख्या 46 पर एक आतंकवादी संगठन के रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नेटवर्क भारत में कई आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है।

युवाओं को बरगलाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग का आरोप

गृह मंत्रालय के अनुसार, यह नेटवर्क हिंसक गतिविधियों के जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिश रच रहा था। इसके अलावा, नेटवर्क के सदस्य डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाली सामग्री का प्रसार करते थे। भोले-भाले युवाओं को आर्थिक या अन्य प्रलोभन देकर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता था।

कई राज्यों में दर्ज हैं दर्जनों आपराधिक मुकदमे

एसबीएन (SBN) से जुड़े कैडरों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, UAPA, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, आईटी एक्ट, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट और इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

14 राज्यों में हुई थी छापेमारी, पाकिस्तानी ग्रेनेड हुए थे बरामद

इस नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां पहले भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर चुकी हैं। अगस्त महीने में गृह मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि देश के 14 राज्यों में एक साथ चलाए गए ऑपरेशन के दौरान 253 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था।

उस समय नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई थीं और 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। तलाशी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में आईईडी (IED), पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी व निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे बरामद किए थे।