UPI पर MDR को लेकर घिरी सरकार, राहुल गांधी ने PM मोदी पर साधा निशाना

यूपीआई (UPI) लेनदेन पर कथित टैक्स और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। इसी के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने भी इस फैसले को आम आदमी की जेब पर सीधा डाका करार दिया है।
राहुल गांधी ने की टैक्स वापस लेने की मांग
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई पर कथित तौर पर टैक्स लगाए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस पूरे मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि यूपीआई पर लगाए गए इस टैक्स को तुरंत वापस लिया जाए।
‘अमेरिका के दबाव में काम कर रही सरकार’
यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स किसी भी नाम से या किसी भी तरीके से लगाया जाए, अंत में इसका सीधा नुकसान आम जनता को ही भुगतना पड़ता है।
आव्हाड ने कहा कि एक तरफ सरकार लगातार डिजिटल पेमेंट की बात करती रही और इसे बढ़ावा दिया। जब लोग पूरी तरह से इस तरफ मुड़ गए, तो अब इस पर टैक्स लगा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार यह सब अमेरिका के दबाव में आकर कर रही है।
बिल के जरिए आम आदमी की जेब से जाएगा पैसा
शरद पवार गुट के नेता ने इस टैक्स के व्यावहारिक असर को समझाते हुए कहा कि इससे रिटेलर्स का कोई नुकसान नहीं होने वाला है। रिटेलर्स अपना बिल बनाएंगे और उस बिल को सीधे ग्राहकों के हाथ में थमा देंगे। उन्होंने सवाल किया, “पैसा किसका जाने वाला है? आम आदमी को ही देखना है कि उसके बिल में कितनी बढ़ोतरी आई है।”
त्योहारों का जिक्र, सरकार पर गुमराह करने का आरोप
महंगाई के मुद्दे को जोड़ते हुए आव्हाड ने कहा कि दीवाली, नवरात्रि और गणेश उत्सव जैसे त्योहारों में आम आदमी पिस रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में एक किलो पेड़ा भी हजार रुपये में नहीं मिलता। सरकार को स्पष्ट शब्दों में यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने टैक्स लगाया है। इसे अलग-अलग नाम और शब्द देकर देश की जनता को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए।
