UPI पर अक्टूबर से नया MDR, ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर क्या बदलेगा?

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अजमल शाह
अजमल शाह

डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक बड़ा ऐलान किया है। 15 अक्टूबर से चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू कर दिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को सरकारी सब्सिडी पर निर्भर रखने के बजाय व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाना है।

क्या है नया MDR ढांचा और व्यापारियों पर क्या होगा असर?

नए नियमों के मुताबिक, 2,000 रुपये तक के छोटे P2M लेन-देन (जो कुल UPI पेमेंट का 95% से अधिक हिस्सा हैं) पर 0% MDR यानी कोई शुल्क नहीं लगेगा।

  • 2,000 रुपये से अधिक का पेमेंट: सामान्य वाणिज्यिक P2M लेन-देन पर मर्चेंट (व्यापारियों) को 0.4 प्रतिशत का बेसलाइन एमडीआर देना होगा।

  • अधिकतम सीमा (Cap): 75,000 रुपये या उससे अधिक के बड़े भुगतानों पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेन-देन तय कर दी गई है।

  • पूंजी बाजार (Capital Market): स्टॉकब्रोकर्स, म्यूचुअल फंड और सिक्योरिटीज में किए जाने वाले ट्रांसफर पर 0.02 प्रतिशत (अधिकतम 300 रुपये) MDR लागू होगा।

  • छोटे विक्रेताओं को राहत: प्रति माह 1 लाख रुपये तक प्राप्त करने वाले सूक्ष्म और छोटे विक्रेताओं (P2PM श्रेणी) को MDR से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

आम ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

NPCI ने स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों को इस नए नियम से घबराने की जरूरत नहीं है।

  • शून्य शुल्क: उपभोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले किसी भी UPI भुगतान पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।

  • P2P ट्रांसफर फ्री: दोस्तों, परिवार को पैसे भेजने (P2P लेन-देन) या अपने ही खातों में फंड ट्रांसफर करने पर पहले की तरह शून्य शुल्क रहेगा।

  • ग्राहकों पर बोझ डालने पर रोक: नियम सख्त हैं कि मर्चेंट इस MDR शुल्क का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल सकते। इसके अलावा, Google Pay, PhonePe जैसे UPI ऐप्स को प्लेटफॉर्म फीस लगाने से भी रोक दिया गया है।

रेलवे टिकट, पेट्रोल और बिल पेमेंट पर क्या है नियम?

जरूरी उपभोक्ता सेवाओं को डिजिटल रूप से सस्ता बनाए रखने के लिए एक विशेष व्यवस्था (Flat Rate) की गई है। रेलवे टिकट बुकिंग, टेलीकॉम बिल, बीमा प्रीमियम, पेट्रोल पंप (ईंधन) और सरकारी यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी) के 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रतिशत के बजाय सिर्फ 5 रुपये का फ्लैट चार्ज लगेगा। इससे बड़े लेन-देन पर भी लागत नहीं बढ़ेगी।

MDR से मिले पैसे का क्या होगा?

क्रेडिट और डेबिट कार्ड (जिन पर 0.90% से 2.5% तक MDR लगता है) की तुलना में UPI का 0.4% चार्ज काफी सस्ता है। इस चार्ज से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल UPI के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सर्वर क्षमता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा बेहतर करने और AI-संचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली (Fraud Detection) विकसित करने में किया जाएगा।

इसके साथ ही, कमाई का एक हिस्सा विशेष विकास कोष में जाएगा, जिससे टियर 3 से टियर 6 शहरों और दूरदराज के इलाकों में छोटे व्यापारियों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा सके।