सिरसागंज में BJP क्यों नहीं खोल पाई खाता? यादव बहुल सीट का गणित

उत्तर प्रदेश की सत्ता में पिछले करीब एक दशक से भारतीय जनता पार्टी (BJP) काबिज है। राज्य में पार्टी ने कई अजेय माने जाने वाले गढ़ ढहाए हैं, लेकिन फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज विधानसभा सीट एक ऐसा अपवाद है, जहां भगवा दल आज तक अपना खाता नहीं खोल पाया है। साल 2008 के परिसीमन के बाद वजूद में आई इस सीट पर समाजवादी पार्टी (SP) का लगातार दबदबा कायम रहा है।
अब तक हुए तीन चुनाव, तीनों में सपा की जीत
सिरसागंज विधानसभा सीट पर पहला चुनाव साल 2012 में हुआ था। इसके बाद 2017 और 2022 में भी यहां मतदान हुआ। इन तीनों ही चुनावों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट की राजनीति मुख्य रूप से यादव समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिलता रहा है।
2022 का चुनाव: दल बदलने के बाद भी हारे हरिओम यादव
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए बड़ा दांव चला था। जनवरी 2022 में चुनाव से ठीक पहले सपा से दो बार विधायक रहे हरिओम यादव ने पाला बदला और बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया।
सपा ने उनके सामने सर्वेश सिंह यादव को मैदान में उतारा। चुनावी नतीजों में सर्वेश सिंह यादव ने 96,224 वोट हासिल कर बीजेपी के हरिओम यादव को 8,805 वोटों से शिकस्त दी। हरिओम यादव को 87,419 वोट मिले। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रत्याशी पंकज मिश्रा 18,757 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
2017 और 2012 के चुनावी नतीजे
इससे पहले 2017 के चुनाव में सपा के टिकट पर लड़ते हुए हरिओम यादव ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की थी। उन्होंने 90,281 वोट हासिल कर बीजेपी के जयवीर सिंह को 10,676 वोटों के अंतर से हराया था। जयवीर सिंह को 79,605 वोट मिले थे, जबकि बसपा के राघवेंद्र सिंह 20,920 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।
वहीं, 2012 में इस सीट पर हुए पहले चुनाव में भी हरिओम यादव ने सपा के लिए बड़ी जीत हासिल की थी। तब उन्हें 85,517 वोट मिले थे और उन्होंने बसपा के अतुल प्रताप सिंह (45,502 वोट) को 40,015 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी पंकज मिश्रा 31,869 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे थे।
सिरसागंज का जातीय और सामाजिक समीकरण
इस सीट पर समाजवादी पार्टी की लगातार जीत के पीछे यहां का जातीय समीकरण एक अहम कारण है। uttar pradesh.org के आंकड़ों के मुताबिक, सिरसागंज विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा आबादी यादव मतदाताओं की है, जो करीब 35 प्रतिशत हैं।
दूसरा बड़ा और प्रभावशाली वर्ग राजपूतों का है, जिनकी हिस्सेदारी कुल मतदाताओं में करीब 21 प्रतिशत मानी जाती है। इसके अलावा 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति (SC) और 10 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता भी चुनाव परिणाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। क्षेत्र में लोधी जाति के मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है।
