बागपत विधानसभा सीट: क्या BJP इस बार भी RLD को देगी मौका?

33d1bb71-c8e7-4bf8-bef2-12610ec4a233
साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की मिठास और जाट राजनीति के मुख्य केंद्र के रूप में विख्यात बागपत विधानसभा सीट पर आगामी चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार दो बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के योगेश धामा ने जीत दर्ज कर इस सीट पर पार्टी का झंडा बुलंद किया है। लेकिन, अब बदले हुए राजनीतिक समीकरणों ने यहां तीसरी बार बीजेपी प्रत्याशी के चुनाव लड़ने पर संशय पैदा कर दिया है।

क्या विधानसभा में भी RLD को मिलेगा मौका?

इस बार उत्तर प्रदेश में बीजेपी और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) गठबंधन में चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि होने के कारण यह क्षेत्र रालोद के लिए भावनात्मक और रणनीतिक रूप से बेहद खास है। यही कारण था कि बीते लोकसभा चुनाव में लगातार दो बार जीतने के बावजूद बीजेपी ने यह सीट रालोद के लिए छोड़ दी थी। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर यह सीट रालोद को सौंपेगी।

पिछले तीन विधानसभा चुनावों का रिपोर्ट कार्ड

पिछले एक दशक में बागपत सीट के चुनावी रुझान लगातार बदलते रहे हैं:

वर्ष विजेता (पार्टी) प्राप्त वोट उपविजेता (पार्टी) प्राप्त वोट जीत का अंतर
2022 योगेश धामा (BJP) 1,01,420 मो. अहमद हमीद (RLD) 94,687 6,733
2017 योगेश धामा (BJP) 92,566 अहमद हमीद (BSP) 61,206 31,360
2012 हेमलता चौधरी (BSP) 56,957 कौकब हमीद खान (RLD) 49,294 7,663

नोट: 2012 में बीजेपी महज़ 4,916 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर सिमट गई थी, लेकिन 2017 के बाद से यहां पार्टी ने जबरदस्त वापसी की।

बागपत विधानसभा का जातीय समीकरण

बागपत का चुनावी गणित हमेशा से जातियों के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, इस सीट पर मतदाता वर्ग का अनुमानित बंटवारा इस प्रकार है:

  • मुस्लिम: ~80,000 (सबसे बड़ा वोट बैंक)

  • जाट और त्यागी: ~45,000 – 45,000 (प्रत्येक)

  • दलित: ~30,000

  • क्षत्रिय और गुर्जर: ~25,000

  • वैश्य: ~20,000

  • कश्यप: ~15,000

आगामी चुनाव में नए मतदाता जुड़ने (SIR) के कारण इन आंकड़ों में मामूली बदलाव संभव है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जाट-मुस्लिम बाहुल्य इस सीट पर एनडीए (NDA) गठबंधन किस चेहरे पर दांव लगाता है।