अखिलेश यादव अब पश्चिमी यूपी में करेंगे रैलियों का शंखनाद

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रस्तावित बुलंदशहर रैली हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति न मिलने के कारण स्थगित हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने लैंडिंग स्थल पर पानी भरे होने का हवाला दिया है। हालांकि, सपा ने इसे प्रशासन का बहाना और भाजपा की साजिश करार दिया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद, समाजवादी पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आक्रामक चुनाव प्रचार की नई रणनीति का ऐलान किया है।
बुलंदशहर विवाद और सपा का पक्ष
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प्रशासन का तर्क: अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण तय लैंडिंग स्थल पर पानी जमा था, जिससे हेलीकॉप्टर उतारना सुरक्षित नहीं था।
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अखिलेश का तंज: सपा प्रमुख ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान बुलंदशहर पुलिस लाइन्स का वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि वहां कोई जलभराव नहीं था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ऐसा लग रहा है जैसे बाढ़ आ गई हो और हमें वहां नाव से जाना पड़ेगा।”
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पार्टी की प्रतिक्रिया: सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इसे भाजपा की ‘शरारत’ बताते हुए कहा कि पार्टी इन हथकंडों से पीछे हटने वाली नहीं है।
पश्चिमी यूपी पर सपा का विशेष फोकस
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रैलियों की सीरीज़: अखिलेश यादव इस महीने के अंत में बुलंदशहर से अपने दौरे की नई शुरुआत करेंगे और पश्चिमी यूपी के हर जिले का दौरा करेंगे। उचित समय पर सहारनपुर में भी कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
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नए राजनीतिक समीकरण: रालोद (RLD) के एनडीए (NDA) में शामिल होने के बाद यह इलाका सपा के लिए बेहद अहम हो गया है। पार्टी का सीधा लक्ष्य यहां के जाट, मुस्लिम और किसान मतदाताओं को साधना है।
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चुनावी मुद्दे: सपा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले महंगाई और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों को उठाकर भाजपा की कथित ‘सांप्रदायिक राजनीति’ का मुकाबला करने की तैयारी में है।
