उत्तराखंड में टैक्स फ्री हुई बाबा नीब करौरी पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’

pushkar singh dhami
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान संत बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन और उनके संदेशों पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले के जरिए बाबा नीब करौरी के आध्यात्मिक योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसी फिल्में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और संत परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

भक्ति और मानव सेवा की कहानी है ‘हनुमान अंश’

यह फिल्म महज एक बायोपिक नहीं है, बल्कि बाबा नीब करौरी महाराज की आध्यात्मिक यात्रा और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अगाध आस्था पर गहराई से केंद्रित है। कहानी की शुरुआत एक ऐसे बालक से होती है जो अपनी मां को खोने के बाद जीवन और ईश्वर की तलाश में निकलता है। मोह-माया त्यागकर वह किस तरह सेवा और भक्ति का मार्ग अपनाकर नीब करौरी बाबा के रूप में पहचान बनाता है, यही फिल्म का मुख्य आधार है।

इस फिल्म में एक मजबूत संदेश दिया गया है कि ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, करुणा और जरूरतमंदों की निस्वार्थ मदद करना ही सच्ची भक्ति है।

किरदार और निर्देशन

7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। उन्होंने बाबा के जीवन को पर्दे पर उतारने के लिए लंबी और गहन रिसर्च की है। फिल्म में नीब करौरी बाबा का मुख्य किरदार अभिनेता शोभिनव सतैया ने जीवंत किया है, जबकि पूर्णिमा तिवारी उनकी पत्नी रामबेटी की भूमिका में नजर आई हैं।

कैंची धाम और उत्तराखंड से गहरा नाता

नीब करौरी बाबा का उत्तराखंड से बेहद गहरा और आध्यात्मिक जुड़ाव रहा है। नैनीताल के समीप स्थित कैंची धाम आश्रम उनकी विरासत का प्रमुख केंद्र है, जहां एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकरबर्ग जैसी हस्तियों सहित देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सीएम धामी का इस फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय इसी संत परंपरा और मानव सेवा के संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।