“वोटर लिस्ट में बड़ी सफाई, 11.83 करोड़ नाम क्यों हटे? जानिए”

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और असम में विशेष पुनरीक्षण (SR) अभियान के तहत देश की मतदाता सूची में एक ऐतिहासिक फेरबदल हुआ है। इस महा-सफाई अभियान के जरिए देश भर से लगभग 11.83 करोड़ (118.3 मिलियन) फर्जी, डुप्लिकेट या मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह भारी-भरकम आंकड़ा पूर्व-पुनरीक्षण मतदाता सूची का कुल 12.1% है।

विभिन्न राज्यों में नाम हटाने की प्रक्रिया के चरण

देश भर के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को छोड़कर) में यह प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही है:

  • चुनाव संपन्न (5 राज्य/यूटी): बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में SIR का ड्राफ्ट जारी होने और आपत्तियों के निस्तारण के बाद चुनाव कराए जा चुके हैं।

  • प्रक्रिया पूरी, चुनाव बाकी (8 राज्य/यूटी): उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, गोवा, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

  • केवल ड्राफ्ट जारी (17 राज्य/यूटी): इन राज्यों में फिलहाल केवल SIR ड्राफ्ट रोल जारी किया गया है।

  • असम: राज्य में अलग से स्पेशल रिवीजन (SR) प्रक्रिया लागू की गई है।

कई देशों की कुल आबादी और वोटर्स से भी बड़ा आंकड़ा

भारत में हटाए गए नामों की यह संख्या दुनिया के 180 से भी अधिक देशों की कुल आबादी से ज्यादा है। वैश्विक आंकड़ों से इसकी तुलना हैरान करने वाली है:

  • ब्राजील: 2022 के आम चुनावों में यहां कुल 11.18 करोड़ वोट पड़े थे। यानी भारत में जितने नाम काटे गए, उतने वोट ब्राजील जैसे विशाल देश के पूरे चुनाव में भी नहीं पड़े।

  • जर्मनी: यहां कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या लगभग 6 करोड़ है। भारत में हटाए गए नाम जर्मनी के कुल मतदाताओं से लगभग दोगुने हैं।

  • ब्रिटेन और फ्रांस: ब्रिटेन में कुल पंजीकृत मतदाता 4.7 करोड़ और फ्रांस में 4.9 करोड़ हैं।

  • इटली और कनाडा: इटली में कुल मतदाता लगभग 5.1 करोड़ और कनाडा में मात्र 2.7 करोड़ हैं।

नाम कटने के बावजूद मतदान प्रतिशत में भारी उछाल

आशंका जताई जा रही थी कि इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने से ‘व्यापक मताधिकार छिनने’ का प्रभाव दिखेगा और वोटिंग प्रतिशत गिरेगा। हालांकि, SIR के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए, वहां कुल मतदान घटने के बजाय मतदान प्रतिशत में शानदार उछाल दर्ज किया गया है।

SIR से पहले और बाद के मतदान की तुलना:

राज्य SIR से पहले मतदान (%) SIR के बाद मतदान (%) SIR से पहले वैध वोट (मिलियन) SIR के बाद वैध वोट (मिलियन) 2024 लोकसभा में वैध वोट (मिलियन)
बिहार 57.22 67.22 42.1 50.2 43.4
केरल 74.06 79.40 20.8 21.6 20.0
पुडुचेरी 81.68 91.11 0.8 0.9 0.8
तमिलनाडु 72.82 85.91 46.2 49.3 43.7
पश्चिम बंगाल 81.69 93.58 60.1 63.8 60.5

आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि फर्जी और डुप्लिकेट नाम हटने से मतदाता सूची ज्यादा पारदर्शी हुई है और वास्तविक मतदान प्रतिशत में सुधार देखने को मिला है।