योगी का बलिया दौरा, 1500 बाढ़ पीड़ितों को राहत किट; सपा पर वार

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

बलिया: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और 1500 पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री बांटी। उन्होंने बांसडीह, बलिया और बैरिया विधानसभा क्षेत्रों में कटान और जलभराव की स्थिति का जायजा लेते हुए प्रशासन को राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

सपा पर तीखा प्रहार: ‘जेपीएनआईसी को बनाया लूट का अड्डा’

राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (SP) पर भ्रष्टाचार को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में बाढ़ पीड़ितों तक 500 ग्राम राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाती थी और गरीबों का हक बीच में ही हड़प लिया जाता था। जेपीएनआईसी (JPNIC) प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि 200 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट पर सपा ने 864 करोड़ रुपये फूंक दिए। उनकी मंशा जनता के इस पैसे से बने केंद्र को ‘लूट-खसोट और अय्याशी का अड्डा’ बनाने की थी।

बाढ़ पीड़ितों के लिए 50 किलो की विशेष राहत किट

डबल इंजन सरकार की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए सीएम ने बताया कि प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को 50 किलो की राहत किट दी जा रही है।

  • इस किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, दाल, भुना चना, मसाले, रिफाइंड तेल और तिरपाल से लेकर टॉर्च, छतरी और सैनिटरी पैड तक शामिल हैं।

  • जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए ओआरएस (ORS) और पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।

  • बाढ़ के दौरान सांप और अन्य विषैले जीवों के खतरे को देखते हुए सभी सीएचसी (CHC) और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त खेप पहुंचाई गई है।

किसानों, महिलाओं और विकास के लिए बड़े ऐलान

  • निशुल्क बस यात्रा: रक्षाबंधन की तर्ज पर अब राज्य में 60 वर्ष से अधिक उम्र की सभी बुजुर्ग महिलाओं के लिए परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की स्थायी सुविधा लागू की जाएगी।

  • आर्थिक सहायता: आकाशीय बिजली या बाढ़ से किसान की मौत होने पर 5 लाख रुपये और सर्पदंश से मृत्यु पर 24 घंटे के भीतर 4 लाख रुपये की तत्काल मदद दी जा रही है।

  • मेडिकल कॉलेज और कॉरिडोर: बलिया में बाबा भृगु के नाम पर नए मेडिकल कॉलेज और ‘बाबा भृगु धाम कॉरिडोर’ के निर्माण को सरकार ने हरी झंडी दे दी है।

  • घाघरा नदी की ड्रेजिंग: बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए घाघरा नदी की ड्रेजिंग (सिल्ट निकालना) कराई जाएगी, ताकि कटान को रोका जा सके।

कानून-व्यवस्था पर कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का दौर खत्म होकर अब प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ का युग चल रहा है। बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए राज्य में केवल जेल या जहन्नुम ही विकल्प है।