सज्जन कुमार के घर शोक जताने पहुंचे 3 BJP सांसद, पार्टी में मचा बवाल

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

नई दिल्ली : 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा की श्रद्धांजलि के बाद अब तीन बीजेपी सांसदों के सज्जन कुमार के घर जाकर शोक जताने पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

बीजेपी के इन 3 सांसदों पर उठे सवाल

सज्जन कुमार के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए बीजेपी के तीन प्रमुख नेता उनके आवास पर पहुंचे थे। इनमें शामिल हैं:

  • पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत

  • दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी

  • उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया

पार्टी अध्यक्ष ने किया तलब

सिख दंगों के दोषी के घर बीजेपी सांसदों के जाने से राजनीतिक विरोधियों को हमला करने का मौका मिल गया है। पार्टी के भीतर और बाहर हो रहे इस भारी विरोध को देखते हुए बीजेपी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा, ‘उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था।’ उन्होंने तीनों सांसदों को स्पष्टीकरण देने के लिए तत्काल तलब किया है।

1984 दंगों में सज्जन कुमार की भूमिका और सजा

सज्जन कुमार 1980, 1991 और 2004 में कांग्रेस के टिकट पर बाहरी दिल्ली से लोकसभा चुनाव जीत चुके थे। हालांकि, उनका राजनीतिक करियर 1984 के सिख विरोधी दंगों में उनके शामिल होने के आरोपों के कारण हमेशा विवादों में रहा।

  • गंभीर आरोप: उन पर दंगे भड़काने, हत्या करने और दंगाइयों को पैसे व शराब बांटने के गंभीर आरोप लगे थे। 2010 में अदालत ने हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए।

  • 2018 में उम्रकैद: दिल्ली की एक अदालत ने 2018 में दंगों में उनकी भूमिका के लिए उन्हें आजीवन कारावास की सख्त सजा सुनाई थी।

  • 2025 में एक और सजा: 1 नवंबर 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरनदीप सिंह की हत्या के एक अन्य मामले में भी उन्हें 2025 में दोषी ठहराया गया था।

बीमारी के कारण हुआ निधन

सज्जन कुमार लंबे समय से जेल में अपनी सजा काट रहे थे। वह हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसन जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इसी महीने स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनका निधन हो गया, जिसके बाद से राजनीतिक हलकों में शोक संवेदनाओं को लेकर यह नया विवाद छिड़ गया है।