राखी का शगुन नेपाल के नाम, मुस्लिम बहनों ने राजकिशोर सिंह को बांधी राखी

rajkishor singh
गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

बस्ती: बस्ती जिले के हर्रैया कस्बे में रक्षाबंधन के मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द और इंसानियत की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। वरिष्ठ बीजेपी नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री राज किशोर सिंह और पूर्व राज्य मंत्री बृजकिशोर सिंह डिम्पल की ओर से बभनान चौराहे पर एक भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हजारों महिलाओं ने शिरकत की। आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि भारी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने भी बीजेपी नेताओं की कलाई पर राखी बांधकर भाईचारे का संदेश दिया। इसके साथ ही, बहनों ने अपने शगुन की पूरी राशि नेपाल त्रासदी के पीड़ितों की मदद के लिए दान कर एक नई नजीर पेश की है।

25 सालों से चली आ रही है आयोजन की परंपरा

हर्रैया में रक्षाबंधन का यह विशाल आयोजन कोई नया राजनीतिक घटनाक्रम नहीं है। राजकिशोर एंड ब्रदर्स बीते 25 सालों से लगातार इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। इस वर्ष भी बभनान चौराहे पर सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। रंग-बिरंगे रक्षासूत्र लेकर पहुंचीं हजारों बहनों ने पूर्व मंत्री राज किशोर सिंह और उनके भाई बृजकिशोर सिंह की कलाई पर राखी बांधी और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु होने की कामना की।

मुस्लिम महिलाओं ने पेश की सौहार्द की मिसाल

इस कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम एकता का मजबूत रंग देखने को मिला। हिंदू बहनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज की महिलाओं ने भी पूरे उत्साह और अकीदत के साथ पूर्व मंत्री की कलाई पर राखी बांधी। राखी बंधवाने के बाद राज किशोर सिंह ने प्रत्येक बहन के सामने शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें शगुन के तौर पर उपहार व नकद राशि भेंट की।

शगुन के पैसे नेपाल राहत कोष में किए समर्पित

कार्यक्रम के दौरान उस वक्त एक भावुक नजारा देखने को मिला, जब वहां मौजूद महिलाओं ने सर्वसम्मति से एक बड़ा फैसला लिया। बहनों ने शगुन में मिले पैसों को अपने निजी इस्तेमाल में लाने के बजाय, उसे नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक बाढ़ और त्रासदी के पीड़ितों की मदद के लिए दान कर दिया। बहनों के इस निस्वार्थ सेवाभाव से प्रेरित होकर पूर्व मंत्री राज किशोर सिंह, उनके परिजनों और वहां मौजूद बड़ी संख्या में समर्थकों ने भी स्वेच्छा से एक बड़ी राहत राशि एकत्र की और उसे नेपाल राहत कोष के लिए भेज दिया।

‘इंसानियत के आगे मजहब और राजनीति के मतभेद बेमानी’

इस मौके पर पूर्व मंत्री राज किशोर सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर्रैया का यह रक्षाबंधन आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि कलाई पर सजी राखी और लोगों के दिल में एक-दूसरे के प्रति सम्मान का जो भाव यहां दिखा है, वह यह साबित करता है कि जब बात अपनों और इंसानियत की आती है, तो राजनीति और मजहब के तमाम मतभेद अपने आप बेमानी हो जाते हैं।