राजभर ने अखिलेश को घेरा, पूछा- ‘राखी के बाकी पैसे कहां गए?’

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महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में रक्षाबंधन के मौके पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा सियासी हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव के कार्यालय में रक्षाबंधन पर महिलाओं को बांटे गए लिफाफों को लेकर सवाल उठाते हुए इसे ‘राखी घोटाला’ करार दिया है।

11 हजार का प्रलोभन, लिफाफे में निकले 1100 रुपये

राजभर ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में दावा किया कि दो दिन पहले अखिलेश यादव के कार्यालय में धूमधाम से एक लिफाफा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सुभासपा प्रमुख के मुताबिक, महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने का प्रलोभन देकर बुलाया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुर्का पहने हुए महिलाएं पहुंची थीं।

राजभर ने आरोप लगाया कि महिलाओं को वादे के मुताबिक 11 हजार रुपये नहीं मिले, बल्कि उन्हें थमाए गए लिफाफों में केवल 1,100 रुपये ही थे। उन्होंने सपा प्रमुख से सीधा सवाल पूछा है कि आखिर प्रति लिफाफा बाकी की रकम कहां गई?

‘स्टेटस बदलता है, लेकिन आदत नहीं’

सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए राजभर ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोगों का स्टेटस भले ही बदल जाए, लेकिन उनकी आदतें नहीं बदलती हैं। अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए राजभर ने लिखा कि इस बार कुछ नहीं मिला तो ‘राखी घोटाला’ करके ही बैठ गए।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि राजभर ने अपने इन गंभीर आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया है।

‘विभीषणों से बचें, वरना लंका लगा देंगे’

लिफाफों से गायब हुई रकम को लेकर राजभर ने अखिलेश यादव के करीबियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के ‘विभीषणों’ ने कथित तौर पर हर पैकेट से करीब 10 हजार रुपये निकाल लिए हैं। राजभर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इन लोगों ने शायद सोचा होगा कि ‘शाह-ए-बेखबर’ (अखिलेश यादव) को इस हेराफेरी की भनक तक नहीं लगेगी।

राजभर ने सपा अध्यक्ष को राजनीतिक सलाह देते हुए कहा कि वह अपने आसपास मौजूद ऐसे ‘विभीषणों’ से जल्द से जल्द छुटकारा पा लें, वरना यही लोग उनकी ‘लंका’ लगा देंगे। अपने इस सियासी हमले का समापन करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में ‘जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय परशुराम और जय महाराज सुहेलदेव’ के नारे लिखे।